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अध्ययन में दावा: छोटे बच्चों में ओमिक्रॉन के कारण बढ़ी सांस की दिक्कत, जानिए कितनी गंभीर है यह बीमारी

Wed, 16 Mar 2022 05:55 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में ओमिक्राॅन के कारण सांस की समस्या - फोटो : Istock
कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर हुए एक अध्ययन के मुताबिक बच्चों में होने वाली सांस की सामान्य बीमारी से ओमीक्रान का संबंध है। जर्नल 'पीडियाट्रिक्स' में हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले जब बढ़े तो छोटे बच्चों में क्रूप की बीमारी में भी बढ़ोतरी देखी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि एक मार्च 2020 से 15 जनवरी, 2022 तक बोस्टन बाल चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में लगभग 75 बच्चों को भर्ती कराया गया। इन बच्चों में कोविड 19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट और क्रूप संक्रमण, इन दोनों के लक्षण दिखाई दिए।

क्रूप बीमारी क्या है?

आमतौर पर सामान्य सांस संबंधी बीमारी को कंठशोथ या क्रूप कहा जाता है। क्रूप एक ऐसा संक्रमण है, जो बच्चों की सांस की नली से जुड़ा होता है और संक्रमण बढ़ने पर सांस को रोकने लगता है। इसके कारण एक खास किस्म की सूखी खांसी होने लगती है।
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क्रूप और ओमिक्रान - फोटो : iStock
कब होती है क्रूप की बीमारी

दरअसल, क्रूप की समस्या तब होती है, जब सर्दी के कारण या अन्य किसी वायरस की वजह से वॉयस बॉक्स, सांस की नली और उसके आसपास सूजन होने लगती है। क्रूप की बीमारी गंभीर होने पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। 
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क्रूप और ओमिक्रान - फोटो : iStock
किस आयु के बच्चों पर क्रूप और ओमिक्रॉन का प्रभाव

अध्ययन में यह भी बताया गया कि कोविड-19 और क्रूप से पीड़ित ज्यादातर बच्चे लगभग दो साल की उम्र तक के हैं और इसमें 72 फीसदी लड़के थे। हालांकि किसी बच्चे की इस समस्या के कारण मौत नहीं हुई लेकिन 72 बच्चों में से 9 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।

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क्रूप और ओमिक्रान - फोटो : iStock
ओमिक्रॉन और क्रूप का संबंध

शोधकर्ताओं के मुताबिक, बच्चों में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट और क्रूप दोनों के लक्षण मिले। इनमें से कुछ मामले इतने गंभीर थे कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इन बच्चों के इलाज में भी बदलाव किया गया। क्रूप के इलाज के लिए जो सामान्य दवाएं दी जाती है, बच्चों को उन दवाओं से अधिक खुराक देनी पड़ी।

पाया गया कि 80 फीसदी बच्चों में क्रूप की समस्या ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले फैलने के दौरान देखने को मिले। इस अध्ययन के पहले लेखक बोस्टन बाल चिकित्सालय और बोस्टन मेडिकल सेंटर के रयान ब्रूस्टर हैं। उन्होंने दावा किया कि जब ओमिक्रॉन वैरिएंट के अधिक मामले आने लगे, तभी क्रूप के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी। इससे स्पष्ट है कि ओमिक्रॉन का क्रूप वायरस से कनेक्शन है।
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क्रूप और ओमिक्रान - फोटो : iStock
ओमीक्रॉन के प्रसार को लेकर इसके पहले पशुओं पर कोविड-19 अध्ययन हुए थे। जिसमें पता चला था कि अन्य कोरोना वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट ऊपरी वायु मार्ग को अधिक प्रभावित करता है। क्रूप को लेकर अपने अध्ययन को स्पष्ट करते हुए ब्रुस्टर ने संभावना जताई कि ओमीक्रान के इस लक्षण के कारण हो सकता है कि क्रूप के मामलों में अचानक से तेजी आई हो। 

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स्रोत और संदर्भ

Omicron infection linked with common respiratory illness in children: Study

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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