Medically Reviewed by-
डॉ सौरभ अवस्थी
(श्वांस रोग विशेषज्ञ, इंटेंसिव केयर यूनिट)
नोएडा
पिछले करीब दो महीने से दुनियाभर में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का संक्रमण जारी है। हालांकि बीते कुछ दिनों से देश में रोजाना संक्रमितों के मामलों में थोड़ी कमी देखी जा रही है। जनवरी के मध्य में जहां रोजाना ढाई से तीन लाख की संख्या में रोजाना कोरोना के संक्रमित सामने आ रहे थे, वहीं यह आंकड़ा अब घटकर एक लाख से कम का रह गया है। पिछले 24 घंटे में देश में करीब 83 हजार लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के मामले भले ही कम हो रहे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वायरस जा चुका है। हमें लगातार सुरक्षा बरतते रहने की आवश्यकता है। अध्ययनों में ओमिक्रॉन के कुछ ऐसे सब-वैरिएंट्स के बारे में दावा किया जा रहा है जो अत्यधिक संक्रामक हो सकते हैं और लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकते हैं।
ओमिक्रॉन को लेकर किए गए अध्ययनों में पाया गया है कि इसका संक्रमण किसी को भी हो सकता है। ऐसे में जिन लोगों का वैक्सीनेशन पूरा हो गया है, उन्हें भी वायरस से सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। राहत की बात यह है कि जिन लोगों का पूरी तरह से टीकाकरण हो चुका है, वे गंभीर बीमारियों से सुरक्षित हैं। अन्वैक्सीनेटेड लोगों की तुलना में ऐसे लोगों में वायरस के खिलाफ बेहतर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया देखी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि टीकाकरण और बिना टीकाकरण वाले लोगों में ओमिक्रॉन संक्रमण के लक्षण कितने अलग हो सकते हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।