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Covid-19 Update: भारत में ओमिक्रॉन BA.4 और BA.5 से संक्रमण की पुष्टि, जानिए कितने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं ये नए स्ट्रेन?

Mon, 23 May 2022 02:22 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के नए वैरिएंट्स से खतरा - फोटो : Pixabay
वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना का संकट फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। कोरोना के ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स के कारण दुनियाभर में संक्रमण के मामलों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। भारत में भी यह वैरिएंट बड़ी समस्याओं का कारण बना हुआ है। तीसरी लहर का प्रमुख कारण माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के अब तक कई सब-वैरिएंट्स सामने आ चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर की संक्रामकता दर काफी अधिक बताई जा रही है।

ओमिक्रॉन BA.2 के बाद हाल ही में BA.4 और BA.5 को लेकर भी अध्ययन में वैज्ञानिकों ने अलर्ट किया है। हालिया रिपोर्ट्स में भारत में भी ओमिक्रॉन के इन दोनों नए वैरिएंट्स के मामलों की पुष्टि की गई है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए काम कर रहे इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में भारत में ओमिक्रॉन सबवेरिएंट BA.4 और BA.5 के संक्रमण की पुष्टि की है। जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान तमिलनाडु में 19 वर्षीय युवती में भारत के पहले बीए.4 सब-वेरिएंट का पता चला है, वहीं तेलंगाना में एक 80 वर्षीय पुरुष में पहले BA.5  का मामला सामने आया है। आइए जानते हैं कि ओमिक्रॉन के इन दोनों सब-वैरिएंट्स की प्रकृति कितनी खतरनाक है और इससे कितना खतरा हो सकता है?
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कोरोना के नए स्ट्रेन की पुष्टि - फोटो : Pixabay
भारत में  BA.4 और BA.5 की पुष्टि

ओमिक्रॉन के इन दो नए सब-वैरिएंट्स के मामलों की पुष्टि होने के साथ ही एहतियात के तौर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ा दी गई है। BA.4 और BA.5  के संक्रमण के बारे में INSACOG द्वारा दी गई जानकारियों के मुताबिक दोनों ही संक्रमितों में संक्रमण के हल्के लक्षण देखे गए हैं, दोनों का फुल वैक्सीनेशन हो चुका है।

दोनों मरीजों की कोई हाल-फिलहाल ट्रैवेल हिस्ट्री भी नहीं रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इन सब-वैरिएंट्स के कारण गंभीर रोग या हास्पिटलाइजेशन की जरूरत कम देखी जा रही है।
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कोरोना के नए वैरिएंट्स (सांकेतिक) - फोटो : pixabay
ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स BA.4

भारत से पहले कोरोना के इन दो सब-वैरिएंट्स के मामले दक्षिण अफ्रीका और कुछ यूरोपीय देशों रिपोर्ट किए गए हैं। प्रारंभिक अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है या जिन तक उचित स्वास्थ्य देखभाल  की पहुंच नहीं है, उनमें इन वैरिएंट्स की संक्रामकता अधिक हो सकती है।

कोविड को लेकर डब्ल्यूएचओ के तकनीकी नेतृत्व, मारिया वान केरखोव ने एक रिपोर्ट में बताया कि  बीए.4 संक्रमितों के करीब 16 देशों से लगभग 700 मामले दर्ज किए हैं। हालांकि ज्यादातर लोगों में इस संक्रमण के लक्षण हल्के ही देखे जा रहे हैं।

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ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स के बढ़ते मामले - फोटो : Pixabay
ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स BA.5

ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.4 की ही तरह BA.5 भी कई देशों में लोगों को संक्रमण का शिकार बना चुका है। अब तक इस वैरिएंट के 17 देशों से लगभग 300 से अधिक मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना के नए सब-वेरिएंट मूल ओमिक्रॉन स्ट्रेन की तुलना में अधिक गंभीर संक्रमण का कारण नहीं बनते हैं, हालांकि म्यूटेशन के साथ इनकी संक्रामक दर जरूर अधिक बनी हुई है।
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BA.4/BA.5 की गंभीरता कम - फोटो : Pixabay
सब-वैरिएंट्स के अध्ययन में क्या पता चला?

ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स को लेकर किए गए अध्ययन में वैज्ञानिक इन नए वैरिएंट्स की संक्रामकता को लेकर चिंतित जरूर हैं पर इसके कारण गंभीर रोग के मामले देखने को ज्यादा नहीं मिले हैं।

यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ईसीडीसी) की रिपोर्ट के मुताबिक ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट की तुलना में वर्तमान में BA.4/BA.5 के कारण गंभीरता जैसे मामलों की आशंका कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के उभरते इन खतरों से बचाव के लिए सभी आयु समूहों के लिए बूस्टर डोज प्राप्त करना आवश्यक बना हुआ है। बूस्टर डोज, ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स से लोगों को अधिक सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती है।
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संक्रमण से बचाव बहुत जरूरी - फोटो : istock
कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करके होगा बचाव

ईसीडीसी विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स के कारण गंभीर मामलों का जोखिम कम है पर इसके संक्रामकता दर अधिक बनी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि यह वैरिएंट्स, शरीर में बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देकर संक्रमण का कारण बन सकती हैं। ऐसे जोखिमों से बचे रहने के लिए कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन  करते रहना सभी के लिए आवश्यक है। मास्क पहनना जारी रखें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमण की जटिलताओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को टीकाकरण करा लेना बहुत आवश्यक है। 


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स्रोत और संदर्भ
Epidemiological update: SARS-CoV-2 Omicron sub-lineages BA.4 and BA.5

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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