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Alert: कम सोते हैं तो समय से पहले हो सकती है मौत! नींद की कमी से इस जानलेवा स्थिति का 51% बढ़ जाता है जोखिम

Tue, 20 Jun 2023 07:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नींद न पूरी होने की समस्या - फोटो : istock
हमारे शरीर को स्वस्थ और फिट रहने के लिए नियमित रूप से स्वस्थ और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। हालांकि समय के साथ इसमें एक और आवश्यकता को जोड़ा गया है- वह है अच्छी और गहरी नींद। तमाम शोध बताते हैं कि भले ही आप शरीर को स्वस्थ रखने के लिए तमाम प्रयास कर लें पर अगर अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो यह आपके सभी प्रयासों को विफल करने के लिए काफी है।

इस बीच एक शोध में वैज्ञानिकों ने नींद की कमी से समय से पहले मृत्यु के जोखिमों को लेकर अलर्ट किया है। शोध के अनुसार, अनिद्रा से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जिसे जानलेवा स्वास्थ्य समस्या के तौर पर जाना जाता है। यदि आप अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो यह न सिर्फ आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ को खराब कर सकती है साथ ही समय से पहले मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। इसलिए सभी लोगों के लिए जरूरी है कि रात में कम से कम 8 घंटे की अच्छी और निर्बाध नींद जरूर लें।
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स्ट्रोक का जोखिम - फोटो : Pixabay
स्ट्रोक का खतरा 51 फीसदी अधिक

नींद किसी प्रकार से जानलेवा दुष्प्रभावों वाली हो सकती है, इसको लेकर जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि अमेरिका में ही एक तिहाई से अधिक लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं। वैश्विक स्तर पर भी हालात ऐसे ही हैं। ये स्थिति ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर से लेकर कई ऐसी समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है जिससे सीधे तौर पर स्ट्रोक होने का जोखिम बढ़ जाता है। 

अध्ययन के अनुसार अनिद्रा की गंभीर समस्या जिनमें पांच से आठ लक्षण हों, ऐसे लोगों में स्ट्रोक होने की आशंका 51% अधिक पाई गई है। यह निश्चित ही चिंताजनक स्थिति है। 
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अनिद्रा के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : iStock
अनिद्रा और स्ट्रोक का खतरा

शिकागो स्थित नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर सर्कैडियन एंड स्लीप मेडिसिन के निदेशक डॉ फिलिस जी कहते हैं, शोध में हमने पाया है कि अगर आप एक महीने भी अच्छी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो यह मेटाबॉलिज्म और ब्लड प्रेशर दोनों ही समस्याओं का कारण बन सकती है। ये स्थितियां शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाने वाली मानी जाती हैं, जो स्ट्रोक के जोखिमों को बढ़ा देती हैं।

खराब नींद को शरीर के उस मैकेनिज्म को भी प्रभावित करते हुए देखा गया है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती है। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो स्ट्रोक और कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। 

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स्लीप डिसऑर्डर की दिक्कत - फोटो : istock
अध्ययन में क्या पता चला?

वर्जीनिया कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता और अध्ययन के प्रमुख लेखक वेंडेमी सावाडोगो कहते हैं, शोध में शामिल प्रतिभागियों में जिनमें अनिद्रा के एक से चार लक्षण थे, उनमें बिना नींद की समस्या वालों की तुलना में स्ट्रोक होने का खतरा 16 फीसदी अधिक था।

कई उपाय हैं जो लोगों को उनकी नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं, इसलिए अगर आप कुछ दिनों से भी नींद न आने की समस्याओं से परेशान हैं तो डॉक्टर से मिलकर समस्या का निदान जरूर कराएं। ये आपकी जिंदगी का सवाल है। 
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अच्छी नींद मस्तिष्क को रखती है स्वस्थ - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं शोधकर्ता?

प्रोफेसर सावाडोगो कहते हैं, पहले के अध्ययनों में भी नींद में कमी या बाधा के कारण स्ट्रोक के बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट किया जाता रहा है। नींद न आने के कई कारण हो सकते हैं, कुछ स्थितियों में हृदय रोगों के कारण भी नींद प्रभावित हो सकती है। यदि आपको हृदय रोग या डायबिटीज की समस्या है और आप अनिद्रा से परेशान हैं तो यकीनन यह संयोजन आपके लिए अधिक जानलेवा है। नींद विकारों को कभी भी हल्के में लेने की भूल न करें। 



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स्रोत और संदर्भ
Association Between Insomnia Symptoms and Trajectory With the Risk of Stroke in the Health and Retirement Study


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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