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NIPAH Virus: कैसी है केरल में निपाह की स्थिति, किस उम्र वालों में इसका खतरा अधिक? यहां जानिए सभी जरूरी बातें

Tue, 19 Sep 2023 01:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निपाह वायरस के संक्रमण के मामले - फोटो : iStock
दक्षिणी राज्य केरल इन दिनों गंभीर और जानलेवा निपाह वायरस की चपेट में है। संक्रमण के कारण अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, छह लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई थी। केरल का कोझिकोड जिला संक्रमण के सबसे ज्यादा चपेट में है, इसके अलावा करीब 30 शहरों में जोखिमों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। केरल में संक्रमण के खतरे को देखते हुए आसपास के राज्यों को भी सतर्क किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना की तुलना में निपाह गंभीर संक्रमण और जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है, इसका मृत्युदर भी अधिक हो सकता है, जो फिलहाल चिंता का विषय है।

राज्य में संक्रमण के ताजा हालात की बात करें तो यहां स्थिति फिलहाल नियंत्रित दिख रही है, पिछले तीन दिनों में संक्रमण के किसी नए मामले की पुष्टि नहीं हुई है। सोमवार को 71 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए थे जिसमें से सभी निगेटिव पाए गए हैं। इसके अलावा 200 से अधिक हाई रिस्क वालों की भी रिपोर्ट निगेटिव आई है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहना चाहिए।
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निपाह संक्रमण और जोखिम कारक - फोटो : iStock
क्या कहती हैं स्वास्थ्य मंत्री?

राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज कहती हैं, 'फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। 9 वर्षीय संक्रमित की हालात में लगातार सुधार हो रहा है, उसे पहले वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। सभी चारों संक्रमितों की स्थिति में सुधार हो रहा है। संक्रमितों के कॉन्टैक्ट लिस्ट वाले 1,233 लोगों में से 352 उच्च जोखिम वाले हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम स्थिति को और बेहतर तरीक से नियंत्रित करने में सफल होंगे। बचाव और संक्रमण के जोखिमों को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
ऐसे लक्षणों को लेकर बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह के जोखिमों को लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। इसके लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान दें। संक्रमितों को शुरुआत में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। निपाह वायरस मुख्य रूप से फेफड़ों और मस्तिष्क पर अटैक करता है। इसके लक्षणों में खांसी और गले में खराश से लेकर तेजी से सांस लेने, बुखार-मतली और उल्टी जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हो सकती हैं।

गंभीर मामलों में, इसके कारण इन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) हो सकती है, जो कोमा और मृत्यु के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती है।

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निपाह का जोखिम - फोटो : iStock
किस उम्र वाले लोगों में इसका खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस जानलेवा संक्रमण का खतरा किसी को भी हो सकता है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में इसके जोखिम देखे जाते रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को यह बीमारी हो सकती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरक्षा कमजोर है उनमें इस रोग के कारण गंभीर समस्याओं के विकसित होने का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है, ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। 
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संक्रामक रोग से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : istock
संक्रमण से कैसे मिलेगी सुरक्षा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह संक्रमण से बचाव के लिए कोई भी टीका उपलब्ध नहीं है, इसके अलावा संक्रमण से बचाव के लिए कोई विशिष्ट दवा भी नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते रहने की सलाह देते हैं। निवारक उपायों में सावधानियां बरतने के साथ, हाथ की स्वच्छता का ध्यान रखकर जोखिमों को कम किया जा सकता है। जिन राज्यों में इसका जोखिम अधिक हैं वहां सभी लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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