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Omicron Variant: BA.2 के बाद अब BA.3 ने बढ़ाई चिंता, जानिए इस सब-वैरिएंट के बारे में सबकुछ विस्तार से

Mon, 07 Mar 2022 01:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन वैरिएंट BA.3 के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना महामारी का असर पूरी दुनिया पर देखा जा रहा है। हाल ही में देश में संक्रमण की तीसरी लहर का कारण बने ओमिक्रॉन वैरिएंट की रफ्तार तो थम गई है, हालांकि इसके सब-वैरिएंट्स लगातार चिंता का कारण बने हुए हैं। ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स BA.1 और BA.2 के मामले दुनिया का तमाम देशों में रिपोर्ट किए गए। अध्ययनों में बीए.2 को अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक माना जा रहा है। इस बीच वैज्ञानिकों ने एक और सब-वैरिएंट  BA.3 को लेकर भी लोगों को अलर्ट किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अपने हालिया रिपोर्ट में इस सब-वैरिएंट के बारे में बताया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि भले ही कोरोना की तीसरी लहर की रफ्तार कम हो रही है, लेकिन संक्रमण का खतरा वैश्विक रूप से अब भी जारी है। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 तकनीकी प्रमुख और महामारी विज्ञानी मारिया वैन करखोव कहती हैं, ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के बीच काफी समानता है। बीए.3 भी ओमिक्रॉन का एक सब-वैरिएंट है जिसको लेकर लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कोरोना के कम होते मामलों का मतलब यह नहीं कि संक्रमण का खतरा कम हो गया है, हम सभी को लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाडडों में सब-वैरिएंट बीए.3 के बारे में जानते हैं।
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ओमीक्रॉन के सब-वैरिएंट्स ने बढ़ाई चिंता - फोटो : pixabay
ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट बीए.3
डब्ल्यूएचओ की जानकारी के अनुसार, ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.3 के भी मामले सामने आए हैं।  जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी में 18 जनवरी, 2022 को प्रकाशित एक अध्ययन ने भी इस सब-वैरिएंट की पुष्टि की है। अध्ययन के अनुसार, ओमिक्रॉन के बीए.1 और बीए.2 के संयोजन से यह नया सब-वैरिएंट सामने आया है। वैसे इसके स्पाइक प्रोटीन में कोई विशिष्ट म्यूटेशन नहीं देखा गया है। उत्तर पश्चिम दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले इस सब-वैरिएंट के मामले पाए गए हैं। 
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ओमिक्रॉन बीए.3 के मामले सामने आए - फोटो : Pixabay
कितना संक्रामक हो सकता है सब-वैरिएंट बीए.3?
अध्ययन में पाया गया है कि ओमिक्रॉन के मूल बीए.1 सब-वैरिएंट की तुलना में बीए.3 में कुछ बदलाव जरूर देखे गए हैं। हालांकि इसकी प्रकृति के बारे में जानने के लिए आगे अध्ययन किया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि बीए.3 के प्रसार की रफ्तार बहुत तेज नहीं होगी, क्योंकि इसमें कुछ म्यूटेशन कम हैं। अध्ययनों में चिंता का कारण माने जा रहे बीए.2 की तुलना में भी बीए.3 को कम संक्रामक बताया जा रहा है, हालांकि आगे के शोध इस बारे में ज्यादा स्पष्ट कर पाएंगे।

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कोरोना वायरस संक्रमण का असर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कितने गंभीर हो सकते हैं बीए.3 के लक्षण?
अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि बीए.3 के लक्षण ओमिक्रॉन के अन्य सब-वैरिएंट्स की तरह ही होने के अनुमान हैं। संक्रमण के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है? ओमिक्रॉन के मूल और सब-वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। कोविड के ओमिक्रॉन वैरिएंट और इसके सब-वैरिेएंट्स के कारण गले में खराश, नाक बहना, छींक आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और हल्का बुखार जैसे लक्षण काफी सामान्य हैं। 
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कोरोना संक्रमण से बचाव करते रहें - फोटो : pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर यूनिट के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सौरभ अवस्थी कहते हैं, वायरस स्वाभाविक तौर पर अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लगातार म्यूटेशन करता रहता है। ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.3 के बारे में अध्ययन जारी है, इसके बाद ही ज्यादा स्पष्ट पता चल पाएगा। फिलहाल सभी लोगों को कोरोना से बचाव के उपायों को लगातार पालन में लाते रहने की आवश्यकता है। इसके अलावा वैक्सीन की दोनों डोज बहुत जरूरी है। सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करा लेना चाहिए। 


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स्रोत और संदर्भ
Emergence of Omicron third lineage BA.3 and its importance


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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