ब्लड-हॉर्मोन टेस्ट
सबसे पहले ब्लड टेस्ट और हॉर्मोन टेस्ट कराया जाता है। ब्लड टेस्ट की मदद से एनीमिया जांचा जाता है। हॉर्मोन प्रोफाइल टेस्ट कराया जाता है इसमें फीमेल हार्मोन AMH की वैल्यू पता की जाती है, एएमएच टेस्ट ओवेरियन रिज़र्व यानि अंडाशय (ओवेरी) में अण्डों के बनने की प्रक्रिया को दर्शाता है। कम एएमएच की स्थिति में अण्डे औसत से कम बनते हैं और उनकी गुणवत्ता (क्वालिटी) अच्छी नहीं होती है।