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National Pollution Prevention Day 2022: वायु प्रदूषण से बचाव करके इन जानलेवा बीमारियों का जोखिम कर सकते हैं कम

Fri, 02 Dec 2022 01:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रदूषण के कारण सेहत को होने वाले नुकसान - फोटो : istock
संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण बड़े जोखिम के तौर पर उभर रहा है। वायु प्रदूषण का खतरा कई ऐसी बीमारियों का कारण बन रहा है जिसे विशेषज्ञ जानलेवा मानते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वायु प्रदूषण के कारण बढ़ते फेफड़ों के कैंसर को लेकर लोगों को सावधान किया है। यह 30 से भी कम आयु वाले लोगों, विशेषकर नॉन स्मोकर्स को भी शिकार बना रहा है। डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों को इनडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के प्रदूषण से बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। प्रकृति की रक्षा हेतु प्रदूषण को कम करने की दिशा में लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दृष्टि से हर साल दो दिसंबर को नेशनल पॉल्यूशन प्रीवेंशन डे मनाया जाता है।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए नुकसानदायक है। वायु प्रदूषण के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के कारण लोगों में फेफड़ों के विकारों के साथ-साथ हृदय रोग के मामले भी बढ़ रहे हैं। वायु प्रदूषण हमारी नसों, मस्तिष्क, किडनी-लिवरऔर अन्य अंगों को भी क्षति पहुंचा रहा है।

डॉक्टर्स कहते हैं सभी लोगों को वायु प्रदूषण से बचाव करते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि वायु प्रदूषण का संपूर्ण शरीर पर किस तरह से दुष्प्रभाव हो सकता है?
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प्रदूषण के कारण बढ़ते हृदय रोग - फोटो : istock
हृदय रोगों का बढ़ गया है खतरा

वायु प्रदूषण का शरीर के जिन अंगों पर सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव देखा जा रहा है, हृदय और फेफड़े उनमें से एक हैं। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक हो सकता है। प्रदूषित हवा के कारण हृदय का सामान्य कामकाज प्रभावित होता है, इसके अलावा हवा में मौजूद विषाक्तता हृदय के तमाम रोगों का खतरा बढ़ा देती है, इससे बचाव करना बहुत आवश्यक है।
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मस्तिष्क पर प्रदूषण का असर - फोटो : iStock
मस्तिष्क पर प्रदूषण के दुष्प्रभाव

वायु प्रदूषण का असर मानव मस्तिष्क पर भी देखा जाता रहा है। शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रदूषित हवा मस्तिष्क के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है। वायु प्रदूषण का उच्च स्तर बच्चों की संज्ञानात्मक क्षमताओं को नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं वयस्कों की बौद्धिक क्षमता और उनमें समय के साथ कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कुछ अध्ययन में यह भी पाया गया है कि वायु प्रदूषण डिप्रेशन के भी जोखिम कारकों को बढ़ाने वाला हो सकता है।

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फेफड़े पर प्रदूषण के दुष्प्रभाव - फोटो : pixabay
युवाओं में बढ़ रहा है फेफड़ों के कैंसर का खतरा

वायु प्रदूषण की स्थिति को फेफड़ों की सेहत के लिए सबसे नुकसानदायक माना जाता रहा है। प्रदूषित हवा को 10 में से एक में फेफड़ों के बढ़ते कैंसर के लिए प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है। वायु प्रदूषण के कण कोशिकाओं में डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। एक हालिया अध्ययन में पाया गया है प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण 30 से कम आयु के उन लोगों में भी इस प्रकार के कैंसर का निदान किया जा रहा है, जो धूम्रपान नहीं करते हैं।
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प्रदूषण से होने वाले नुकसान - फोटो : Pixabay
प्रदूषण के इन खतरों के बारे में भी जानिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि वायु प्रदूषण के अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों प्रकार के नुकसान हो सकते हैं, जिनसे सभी लोगों को बचाव करते रहने का आवश्यकता है।
  • वातावरण में मौजूद कण नाक में जलन और सूजन पैदा कर सकते हैं। इससे गंभीर श्वसन विकारों का खतरा हो सकता है।
  • वायु प्रदूषण के कारण इंफ्लामेशन की समस्या बढ़ जाती है जिससे हृदय रोगों के विकसित होने का खतरा होता है। 
  • त्वचा और बालों के लिए भी वायु प्रदूषण के नुकसान देखे गए हैं।
  • प्रदूषण के अधिक संपर्क में रहने वालों में आंखों में जलन और लालिमा का खतरा होता है।
  • अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि वायु प्रदूषण प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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