छींकने से कम हो जाते हैं माइक्रोबायोटा
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अध्ययन में क्या पता चला?
जॉर्जिया मेडिकल कॉलेज के मुख्य शोधकर्ता सदानंद फुलजेले कहते हैं, सिम्टोमैटिक रोगियों में नाक बहने और छींकने के लक्षण होते हैं, जिसके माध्यम से माइक्रोबायोटा बाहर आ जाते हैं, यही कारण है कि सिम्टोमैटिक रोगियों में माइक्रोबायोटा का स्तर कम पाया गया है। चूंकि नेजल माइक्रोबायोटा को सुरक्षात्मक कवच के रूप में माना जाता है, ऐसे में इनकी कम संख्या रोगी को गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। वहीं एसिम्टोमैटिक लोगों में मौजूद पर्याप्त माइक्रोबायोटा, वायरस से उन्हें सुरक्षित रखने में मदद करती है।