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Monsoon Health Tips: मौसम बदलते में हो जाते हैं बीमार तो ये है कारण? जानें बचाव के तरीके

Wed, 17 Jul 2024 05:08 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

लापरवाही बरतना मुख्य रूप से हर मौसम में सर्दी-खासी, बुखार, पेट दर्द और स्किन एलर्जी का कारण बनता है। ऐसे में बीमारियों से बचने के लिए आपको पहले से ही तैयार होना होगा, ताकि आप मौसम का भरपूर लुत्फ उठा सकें।
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बदलते मौसम में बीमारियां और बचाव - फोटो : istock
दीपिका शर्मा

कई लोग मौसम बदलते ही बीमार पड़ने लगते हैं। वैसे तो यह सामान्य समस्या है, लेकिन कई बार यह गंभीर रुख अख्तियार कर लेती है। मौसम में बदलाव प्रकृति की देन है। लेकिन यह बदलाव कई लोग सहन नहीं कर पाते और बीमार पड़ जाते हैं। कुछ रोज पहले हम सभी भीषण गर्मी से जूझ रहे थे और अब मानसून का आगमन होते ही कभी ठंडक तो कभी गरमी तथा उमस का सामना कर रहे हैं। इसका हमारी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर। वहीं, लापरवाही बरतना मुख्य रूप से हर मौसम में सर्दी-खासी, बुखार, पेट दर्द और स्किन एलर्जी का कारण बनता है। ऐसे में बीमारियों से बचने के लिए आपको पहले से ही तैयार होना होगा, ताकि आप मौसम का भरपूर लुत्फ उठा सकें।
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बदलते मौसम में बीमारियां और बचाव - फोटो : Freepik
कारण जानें

यदि आप मौसम में बदलाव आते ही बीमार हो रही हैं या परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ ऐसा हो रहा है तो इसका अर्थ है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है। इस कमजोर इम्यून सिस्टम के चलते ही बाहरी संक्रमण आपके शरीर पर बार-बार आक्रमण कर रहे हैं, जिस कारण वातावरण में थोड़ा-सा बदलाव आते ही आप बीमार पड़ जाती हैं। कमजोर इम्यूम सिस्टम आपके शरीर में फ्लू, इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन के खतरे को बढ़ा सकता है।
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बदलते मौसम में बीमारियां और बचाव - फोटो : istock
संक्रमण से बचाव

जब मौसम बदलता है तो सबसे ज्यादा इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। अब जब मानसून दस्तक दे चुका है तो ऐसे में बैक्टीरियल इन्फेक्शन, फंगल इन्फेक्शन, प्रोटोजोआ रोग, जैसे कि ब्रोंकाइटिस, टायफॉइड या फ्लू, मलेरिया का खतरा भी अधिक बढ़ सकता है। इसलिए किसी भी तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने की स्थिति में डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

साफ-सफाई का ध्यान

मौसम चाहे कोई भी हो, साफ-सफाई हमेशा जरूरी होती है। बरसात के मौसम में ज्यादतर बीमारियों की जड़ गंदगी ही होती है, क्योंकि इस समय चारो ओर गंदगी और कीचड़ फैला रहता है। इसलिए जरूरी है कि अपने आस-पास सफाई रखें। कुछ भी खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोना न भूलें। घर के आस-पास पानी न भरने दें। सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोएं। घर की सफाई में कीटनाशक का उपयोग करें और मच्छरों को पनपने न दें।

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बदलते मौसम में बीमारियां और बचाव - फोटो : istock
पौष्टिक आहार

अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए अच्छी डाइट अपनाएं। बासी खाना न खाएं, तला-भुने खाने से परहेज करें, दिन में दो ताजे फल अवश्य खाएं और हरी सब्जियां तथा दालों का सेवन ज्यादा करें। खुद को हाइड्रेट रखें। यह न सोचें कि अब गरमी जा चुकी है। हो सके तो दिन में एक बार दूध में हल्दी डालकर पीएं या पानी को उबालकर पीएं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और आप बीमारियों से दूर रहती हैं।
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बदलते मौसम में बीमारियां और बचाव - फोटो : iStock
भोजन में हल्दी, तुलसी और अदरक

दिल्ली के दीप चंद बंधु अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. अविनाश कुमार, बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गो पर पड़ता है, इसलिए जरूरी है उनका खास ख्याल रखना। इस मौसम में आप कपड़ों को पहनने से पहले इस्त्री करें। ऐसा करने से कपड़ों पर लगे कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। साथ ही ज्यादा ठंडे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें, बाहर का खाना खाने से परहेज करें, तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें, जिससे बॉडी हाइड्रेट रहे और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने पर ध्यान दें। बरसात के मौसम में आप भोजन में हल्दी, तुलसी और अदरक का उपयोग करें। ये एंटीबायोटिक का कार्य करते हैं और इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखते हैं। बाहर जाते समय मास्क अवश्य लगाएं और दिन में दो बार गुनगुने पानी में नमक डालकर कुल्ला अवश्य करें। ऐसा करने से आपकी ओरल हेल्थ अच्छी बनी रहती है, जिससे संक्रमण होने का खतरा कम हो जाता है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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