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Monkeypox: भारत में भी मंकीपॉक्स की दस्तक, कैसे रहें सुरक्षित? संक्रमण हो जाए तो क्या करें

Tue, 10 Sep 2024 09:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में मंकीपॉक्स - फोटो : freepik.com
पिछले एक महीने से दुनिया के कई देश खतरनाक मंकीपॉक्स (एमपॉक्स) संक्रमण का प्रकोप झेल रहे हैं। अफ्रीकी देश कांगो इससे सबसे अधिक प्रभावित है। इसके अलावा यूएस-यूके और पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों में भी एमपॉक्स के मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। हालिया रिपोर्ट में भारत में भी लोगों को अलर्ट हो जाने की सलाह दी गई है।

रविवार (8 सितंबर) को भारत में मंकीपॉक्स का एक संदिग्ध रोगी मिला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक उसने हाल ही में मंकीपॉक्स का संक्रमण झेल रहे एक देश की यात्रा की थी। फिलहाल उसे संक्रमण के लिए निर्धारित किए गए अस्पताल में आइसोलेट किया गया है।

गौरतलब है कि कई देशों में पहले से ही बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए भारत पहले से ही अलर्ट पर है। दिल्ली में मंकीपॉक्स से संबधित मरीजों के इलाज के लिए लोक नायक अस्पताल, बाबा साहब आंबेडकर सहित एक अन्य अस्पताल में विशेष वार्ड बनाए हैं। इनके अलावा एम्स और सफदरजंग में भी कक्ष आरक्षित हैं।

चूंकि अब भारत में भी रोगी की पहचान की गई है, इससे लोगों में डर बन गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। 
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मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट - फोटो : istock
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साझा की जानकारी

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक एमपॉक्स संक्रमण की पुष्टि के लिए संभावित रोगी के सैंपल की जांच की जा रही है। प्रोटोकॉल के अनुसार उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। संभावित स्रोतों की पहचान करने और देश के भीतर जोखिमों का आकलन करने के लिए संपर्क ट्रेसिंग जारी है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि जुलाई-अगस्त में कई देशों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 14 अगस्त को एमपॉक्स को स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था। इससे पहले 2022 में भी एमपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया जा चुका है।


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मंकीपॉक्स के बढ़ते मामले - फोटो : freepik.com
मंकीपॉक्स के बारे में जानकारी आवश्यक

हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एमपॉक्स के बढ़ते मामलों के लिए इसके नए स्ट्रेन 'क्लेड आईबी' को जिम्मेदार माना है। विशेषज्ञों ने कहा इस बात की गंभीर चिंता है कि वायरस म्यूटेट हो रहा है और नए स्ट्रेन पैदा कर रहा है। यह उन देशों में भी रिपोर्ट किया जा रहा है जहां अब तक एमपॉक्स का खतरा नहीं था।

एमपॉक्स (मंकीपॉक्स), मंकीपॉक्स वायरस से होने वाला एक संक्रामक रोग है। इससे दर्दनाक दाने, बढ़े हुए लिम्फ नोड्स के साथ तेज बुखार हो सकता है। इसका प्रकोप मुख्यरूप से समलैंगिक, बाइसेक्सुअल लोगों में अधिक देखा जाता रहा है। आइए जानते हैं कि संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए कौन से उपाय किए जाने जरूरी हैं?

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मंकीपॉक्स संक्रमितों से करें बचाव - फोटो : freepik.com
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?

हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया, एमपॉक्स का संक्रमण यौन संपर्कों को अलावा प्रभावित वस्तुएं, संक्रमित के निकट संपर्क और शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से भी फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे कपड़े, चादर, तौलिए आदि के इस्तेमाल से बचें।

संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या घाव के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। सामुदायिक तौर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
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एमपॉक्स संक्रमण होने पर क्या करें? - फोटो : PTI
संक्रमण की पुष्टि हो जाए तो क्या करें?

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की सलाह है कि एमपॉक्स की पुष्टि वाले लोगों को बीमारी की अवधि के दौरान घर पर आइसोलेशन में या आवश्यकता होने पर निर्धारित अस्पताल के वार्ड में रहना चाहिए। 

संक्रमितों को लंबी आस्तीन या फुल पैंट पहनकर रखना चाहिए जिससे त्वचा के सभी दानों को ढका जा सके। रोगियों को अच्छी तरह से फिट होने वाले सोर्स कंट्रोल (जैसे मेडिकल मास्क) का उपयोग करना चाहिए। घर के अन्य सदस्यों को संक्रमित से उचित दूरी (करीब 6 फीट) बनाकर रखनी चाहिए जिससे ड्रॉपलेट्स और शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से बचा जा सके। रोगियों के लिए सहायक उपचार आवश्यक है।


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स्रोत और संदर्भ
Isolation and Infection Control At Home


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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