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Diabetes: केंद्र सरकार की ये पहल मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी, असरदार तरीके से शुगर को कर सकती है कंट्रोल

Thu, 20 Jul 2023 04:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लड शुगर को कम करने के लिए क्या करें? - फोटो : iStock
डायबिटीज की समस्या वैश्विक स्वास्थ्य जोखिम है, जिससे दुनियाभर की बड़ी आबादी प्रभावित है। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में 20-79 वर्ष की आयु के लगभग 537 मिलियन (53.7 करोड़) लोग मधुमेह से पीड़ित हैं। साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 130 करोड़ से भी अधिक होने की आशंका है।

डॉक्टर्स कहते हैं, सभी आयुवर्ग वाले लोगों को डायबिटीज के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए इससे बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। इसका खतरा सिर्फ वयस्कों में ही नहीं बच्चों में भी बढ़ता देखा जा रहा है। मधुमेह की रोकथाम के लिए आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।

डायबिटीज रोगियों के लिए केंद्र सरकार की एक पहल को स्वास्थ्य विशेषज्ञ काफी लाभकारी मान रहे हैं। भारत सरकार के आह्वान पर मिलेट्स को लेकर जागरूकता बढ़ाने और उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र ने साल 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कई मिलेट्स को डायबिटीज रोगियों के लिए विशेष फायदेमंद माना जाता रहा है, इसका सेवन करके ब्लड शुगर को कम करने में लाभ मिल सकता है।
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संसद में मिलेट क्रॉप्स से बने विशेष लंच के दौरान बाजरे के उत्पादों को देखते पीएम और उपराष्ट्रपति। - फोटो : Social Media
मिलेट्स के कई स्वास्थ्य लाभ

यहां पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर मिलेट्स होते क्या हैं? मिलेट्स- कई प्रकार के अनाजों का कहा जाता है जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी आदि। प्राचीन समय से ही ये हमारे आहार का हिस्सा रहे हैं, हालांकि वर्तमान में इनका सेवन कम हो गया है।

वैज्ञानिकों ने शोध में पाया कि अगर आहार में मिलेट्स को शामिल कर लिया जाए तो यह सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है। आइए डायबिटीज में इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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मिलेट्स से शुगर रहता है कंट्रोल - फोटो : Pixabay
मिलेट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है कम

मिलेट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कई अन्य अनाजों की तुलना में कम होता है। इसका मतलब है कि यह आपके रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे बढ़ाता है। उच्च फाइबर, कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा को स्थिर रखते हैं, कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं और वजन कम करने में आपकी मदद करते हैं। ये सभी चीजें मधुमेह वाले लोगों के लिए उपयोगी हैं।

यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को आहार में कई प्रकार के अनाजों को शामिल करने की सलाह देते हैं।

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चोकर युक्त अनाज का करें सेवन - फोटो : Istock
चोकर युक्त आहार से मिलता है लाभ

मिलेट्स होल ग्रेन की श्रेणी में आते हैं, इसका मतलब है कि इसकी बाहरी परत में चोकर होती है। खाद्य कंपनियां सफेद आटे जैसे परिष्कृत अनाज बनाने के लिए इन परतों को हटा देती हैं। जबकि चोकर युक्त अनाज के सेवन की विशेषज्ञ सलाह देते हैं। 

वैसे तो मिलेट्स को लेकर अभी ज्यादा शोध उपलब्ध नहीं  है लेकिन अब तक के अध्ययनों से पता चला है कि इनसे भोजन के बाद ब्लड शुगर में होने वाले स्पाइक्स को रोका जा सकता है। एक अध्ययन में, टाइप-2 डायबिटीज वाले जिन लोगों ने कंगनी मिलेट का सेवन किया उनके रक्त शर्करा, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम पाया गया।
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आहार में मिलेट्स को शामिल करें - फोटो : iStock
इन अनाजों का कर सकते हैं सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में मिलेट्स को शामिल करने और इससे होने वाले लाभ के लिए आप ज्वार, बाजरा, रागी, कंगनी जैसे अनाजों को शामिल कर सकते हैं। ये आसानी से बाजार में उपलब्ध हैं। बाजरा इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में प्रभावी पाया गया है। मिलेट्स में डाइट्री फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो पाचन को ठीक रखने, वजन कंट्रोल करने से लेकर शुगर के स्तर को ठीक रखने तक में फायदेमंद है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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