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Lungs Cancer: नॉन स्मोकर्स में लंग्स कैंसर के क्या लक्षण होते हैं? सिगरेट नहीं पीते फिर भी रहें सावधान

Thu, 29 Jan 2026 02:45 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Lung Cancer In Non Smokers: भले ही आप धूम्रपान नहीं करते पर यदि आपमें कैंसर की फैमिली हिस्ट्री है या ऐसे स्थानों पर रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बना रहता है तो इससे लंग्स कैंसर होने का खतरा हो सकता है। ऐसे लोगों में क्या लक्षण होते हैं, आइए इस बारे में जानते हैं।
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नॉन स्मोकर्स में लंग्स कैंसर के मामले - फोटो : Adobe Stock
कैंसर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में से एक है। इसके हर साल न सिर्फ बड़ी संख्या में मरीज सामने आ रहे हैं बल्कि इस कैंसर से लाखों लोगों की मौत भी हो रही है।

फेफड़ों की कोशिकाएं जब अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो इससे कैंसर होने का खतरा रहता है। लाइफस्टाइल की गड़बड़ी, धूम्रपान, पर्यावरणीय परिस्थितयों को इस कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना जाता है। 

आंकड़े बताते हैं कि लंग्स कैंसर, कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है और ये दुनियाभर में सबसे ज्यादा रिपोर्ट किया जाने वाला कैंसर भी है। साल 2022 में इसके लगभग 2.5 मिलियन (25 लाख) नए मामले आए और 18 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई। बढ़ती उम्र वाली आबादी और लंग्स कैंसर के रफ्तार को देखते हुए विशेषज्ञों की चिंता है कि साल 2050 तक मामलों में लगभग 90% की बढ़ोतरी हो सकती है। 

फेफड़ों के कैंसर के लिए मुख्य रूप से धूम्रपान (85% मामलों) की आदत को जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि अध्ययनों की रिपोर्ट बताती है कि नॉन स्मोकर्स यानी जो लोग सिगरेट नहीं पीते हैं उनमें भी इस कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
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फेफड़ों की बीमारी और कैंसर का खतरा - फोटो : Adobe Stock
भारत में लंग्स कैंसर के बढ़ते मामले

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने लंग्स कैंसर के बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी है कि 2030 तक भारत में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में तेजी आने की आशंका है। देश में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में फेफड़ों के कैंसर के मामले बढ़ने का खतरा सबसे ज्यादा है।

अब सवाल ये है कि जो लोग सिगरेट नहीं पीते उनमें ये कैंसर क्यों हो रहा है और ऐसे लोगों में लंग्स कैंसर के क्या लक्षण होते हैं?
 
  • शोधकर्ता कहते हैं,  भले ही आप धूम्रपान नहीं करते हैं पर यदि आपमें कैंसर की फैमिली हिस्ट्री रही है, ऐसे स्थानों पर रहते हैं जहां वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बना रहता है या फिर ऐसे कार्यों से जुड़े हैं जहां रसायनों के अक्सर संपर्क में रहते हैं तो इससे लंग्स कैंसर हो सकता है।
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तंबाकू-धूम्रपान न करने वालों में लंग्स कैंसर - फोटो : Freepik.com
नॉन स्मोकर्स में क्यों बढ़ रहा है लंग्स कैंसर?

येल मेडिसिन में ऑन्कोलॉजिस्ट एनी चियांग कहती हैं, नॉन स्मोकर्स में बढ़ते फेफड़ों के कैंसर के मामले काफी चिंताजनक हैं। हालांकि अच्छी खबर यह है कि धूम्रपान न करने वालों को होने वाले फेफड़ों के कैंसर के प्रकार उतने गंभीर नहीं होते हैं और इसके उपचार के लिए दवाएं उपलब्ध हैं।  

एडेनोकार्सिनोमा, धूम्रपान न करने वालों में देखा जाने वाला सबसे आम फेफड़ों का कैंसर है, जो अक्सर फेफड़ों के बाहरी हिस्सों में, छोटे वायुमार्गों या बलगम बनाने वाली कोशिकाओं में शुरू होता है। रसायनों या वायु प्रदूषण के संपर्क में रहना इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। 

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, 2018 में संयुक्त राज्य अमेरिका में फेफड़ों के कैंसर से मरने वाले लोगों में से 20 प्रतिशत- कुल मिलाकर लगभग 30,000 लोगों ने कभी धूम्रपान नहीं किया था।

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लंग्स कैंसर में क्या दिक्कतें होती हैं? - फोटो : Freepik.com
नॉन स्मोकर्स में फेफड़ों के कैंसर के क्या लक्षण होते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फेफड़ों के कैंसर के लक्षण आमतौर पर धूम्रपान करने वालों और नॉन स्मोकर्स दोनों में एक जैसे होते हैं ।

धूम्रपान न करने वालों में अक्सर बाद के स्टेज में बीमारी का पता चलता है और उनके ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ते हैं। शुरुआती स्कैन में अलग-अलग गांठों के बजाय सिर्फ धुंधला दिखाई देता है। इसके अलावा ऐसे लोगों में कैंसर अक्सर हल्के लक्षणों वाला होता है, जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जा सकता है या फिर सामान्य संक्रमण समझ लिया जाता है। कुछ लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। 
 
  • खांसी जो लंबे समय से बनी हुई हो और ठीक न हो रही हो।
  • रोजाना के कामों के दौरान या आराम करते समय भी सांस लेने में दिक्कत।
  • सीने में लगातार दर्द रहना। गहरी सांस लेने, हंसने या खांसने पर अधिक दर्द होना।
  • खांसी के साथ खून आना या गाढ़ा बलगम आना।
  • असामान्य रूप से या बहुत ज्यादा थकान महसूस होते रहना।
  • निमोनिया या ब्रोंकाइटिस का बार-बार होना।
  • आवाज में भारीपन या घरघराहट की समस्या बनी रहना।
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लंग्स कैंसर बढ़ाने वाले कारणों को जानिए - फोटो : Freepik.com
नॉन स्मोकर्स में कैंसर बढ़ाने वाले इस चीजों के बारे में भी जानिए

नॉन स्मोकर्स में बढ़ते लंग्स कैंसर के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। एक रिपोर्ट में इसके लिए वायु प्रदूषण, हर्बल दवाओं के अधिक सेवन के साथ माइक्रोप्लास्टिक को भी जिम्मेदार बताया गया था। ये स्थितियां किस तरह से कैंसर का खतरा बढाती हैं, इसे जानने के लिए यहां क्लिक करें



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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