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पोषण विशेषज्ञ से जानिए: वजन कम करने में कैसे फायदेमंद है लो-कार्ब डाइट? क्या खाएं-क्या नहीं?

Sun, 27 Jun 2021 04:44 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वजन कम करने के लिए उचित आहार - फोटो : Social media
Medically reviewed by-
हिमांशु राय
(आहार और पोषण विशेषज्ञ)
दिल्ली


शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार का संतुलित होना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक जैसा हमारा खान-पान होगा, सेहत पर उसका वैसा ही प्रभाव देखा जाता है। इसीलिए क्या खाना है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है कितनी मात्रा में खाना है? आहार में कुछ चीजों को शामिल करना जितना आवश्यक है, उससे ज्यादा आवश्यक है उसकी मात्रा का ध्यान रखना। कार्बोहाइड्रेट के संबंध में भी ऐसा ही है। कार्बोहाइड्रेट का सेवन जहां शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा देने में जरूरी होता है, वहीं इसका अधिक मात्रा में सेवन करना शरीर में फैट को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग लो-कार्ब डाइट पसंद करते हैं। लो-कार्ब डाइट से तात्पर्य है भोजन में कार्ब्स की मात्रा को कम करके प्रोटीन और स्वस्थ वसा का अधिक सेवन करना। 
कार्ब्स की अधिक मात्रा शरीर के लिए कैसे नुकसानदायक हो सकती है, इसका सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए और किन खाद्य पदार्थों को लो-कार्ब डाइट माना जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।
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कार्बोहाइड्रेट की मात्रा करें नियंत्रित - फोटो : social media
कार्बोहाइड्रेट कब हो जाता है नुकसानदायक?
कार्बोहाइड्रेट उन मुख्य खाद्य प्रकारों में से एक है जिनकी हमें शरीर के समुचित कार्य के लिए आवश्यकता होती है। जब हम कार्ब्स का सेवन करते हैं, तो हमारा शरीर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए उनका ब्रेकडाउन करता है। कार्ब्स की मात्रा अधिक होने से वह हमारी मांसपेशियों और यकृत में जमा होकर फैट में बदल जाती हैं। लो-कार्ब डाइट में कई अलग-अलग प्रकार के आहार शामिल हो सकते हैं। वजन कम करने में यह महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यदि आप शाकाहारी हैं तो लो-कार्ब डाइट में टोफू, सोया और फलियां जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं।
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लो-कार्ब डाइट का पालन कैसा रखें? - फोटो : pixbay
लो-कार्ब डाइट क्या हैं?
वजन कम करने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए यदि आप लो-कार्ब डाइट का पालन करना चाहते हैं तो आहार में प्राकृतिक वसा जैसे मक्खन, मेवा, सीड्स और पत्तेदार हरी सब्जियों के साथ प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। ब्रेड, चावल, आलू, चॉकलेट, सोडा, शुगर और स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम मात्रा में ही करना चाहिए।आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि लो-कार्ब डाइट में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

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हरी सब्जियों और प्रोटीन का करें सेवन - फोटो : Social Media
लो-कार्ब डाइट में क्या खाएं?
आहर विशेषज्ञों के मुताबिक मांस, मछली और अंडे का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, ब्रोकली, पालक के साथ तोरी, बैंगन, खीरा, गाजर, मशरूम, प्याज और टमाटर में कार्ब्स की मात्रा कम होती है। जमीन के ऊपर उगने वाली ज्यादातर सब्जियों का सेवन इस तरह के आहार में किया जा सकता है। इसके अलावा डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, मक्खन, पनीर और क्रीम का सेवन भी कर सकते हैं। 
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खाने में कम करें कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा - फोटो : iStock
लो-कार्ब डाइट में क्या नहीं खाना चाहिए?
लो-कार्ब डाइट का पालन करने वाले लोगों को चॉकलेट, आइसक्रीम, सोडा या जूस, केक, पेस्ट्री, बन और कैंडी जैसे उत्पादों, जिनमें शुगर की मात्रा अधिक होती है, उनके सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा गेहूं, आटा, जौ, चावल सभी हाई-कार्ब रिफाइंड अनाजों के सेवन से बचने की जरूरत है। ब्रेड, पास्ता, मूसली, दलिया और बन का सेवन भी नहीं करना चाहिए। ज्यादातर भूमिगत सब्जियां जैसे शकरकंद और आलू आदि में कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है। फलों में केला, आम, अंगूर और अनानास में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा अधिक होती है, इनके सेवन से भी परहेज करना चाहिए।

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नोट: यह लेख आहार और पोषण विशेषज्ञ हिमांशु राय के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। हिमांशु राय दिल्ली के जाने-माने पोषण विशेषज्ञ हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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