हमारी जीवनशैली की आदतों का असर सीधे हमारे सेहत को प्रभावित करता है। कोरोना के इस दौर में जहां ज्यादातर काम ऑनलाइन मोड में होने लग गए हैं, ऐसे में लोगों का स्क्रीन टाइम भी पहली की अपेक्षा काफी बढ़ गया है। स्क्रीन टाइम का मतलब, कंप्यूटर, मोबाइल या टीवी की स्क्रीन को देखते हुए बिताया जाने वाले समय है। इस बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत के लिए काफी नुकसानदायक बताते हैं। इसी से संबंधित हाल ही में 'द लैंसेट डिजिटल हेल्थ जर्नल' में प्रकाशित
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने लोगों में बड़े खतरे को लेकर आगाह किया है।
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि स्क्रीन टाइम का बढ़ना, बच्चों और युवाओं में मायोपिया के जोखिम को पहले की तुलना में काफी बढ़ा देता है। यदि समय रहते इससे बचाव के उपाय न किए गए तो आने वाले वर्षों में अधिकांश लोग इस समस्या से ग्रसित हो जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है कि पहले मायोपिया का ज्यादा खतरा उम्र बढ़ने के साथ लोगों में हुआ करता था, हालांकि अब बढ़े हुए स्क्रीन टाइम के कारण युवा और कम उम्र के बच्चों में भी इस गंभीर नेत्र रोग का निदान किया जा रहा है। आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।