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खुद पर हंसना हो या हडि्डयों की मजबूती, बहुत काम आएंगी ये 3 रिसर्च, जरूर पढ़ें

Fri, 23 Feb 2018 10:29 AM IST
रुपायन डेस्क, अमर उजाला
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भारत समेत बारह देशों में कराए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक, भारत में बच्चों को स्कूलों और घरों में औसतन बारह घंटे तक मंद यानी कम रोशनी में रहना पड़ता है। इससे बच्चों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है। यह सर्वे फिलिप्स लाइटिंग की तरफ से कराया गया था। चूंकि भारतीय बच्चे ज्यादा समय घरों के भीतर कृत्रिम लाइट में रहते हैं और स्कूल के कामकाज पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को अच्छी और पर्याप्त रोशनी मिले, जो उनकी आंखों के लिए उपयुक्त हो। विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी मानना है कि बच्चों को घरों से बाहर उजाले में ज्यादा समय व्यतीत करना ज्यादा स्वास्थ्यकर है।
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कभी खुद पर हंसकर देखिए, काफी फायदेमंद होगी ये प्रेक्टिस

कॉमेडियन भारती सिंह को अक्सर आपने टीवी पर देखा होगा कि वह कई बार दर्शकों को हंसाने के लिए खुद पर ही चुटकुले बना लेती हैं। बेशक यह उनके पेशे की मांग हो, मगर क्या आपको पता है कि आपकी एक छोटी-सी मुस्कान दूसरों को खुशी का एहसास करा सकती है और यह खुद के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। 
कभी-कभी खुद पर हंसना अक्सर चुटकले कहने वाले लोगों के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को सुधारता है। यह अध्ययन पर्सनैलिटी एंड इंडीविजुअल डिफरेंसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है। यानी खुद पर हंसना बुरी बात नहीं है। 
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यहां हड्डियों को मिलती है मजबूती

क्या आपको पता है कि शारीरिक गतिविधियों से 8-10 साल के बच्चों की हड्डियों, मांसपेशियों और संतुलन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न  डेनमार्क के स्पोर्ट और हेल्थ साइंस के प्रोफेसर व शोधकर्ता पीटर क्रस्टरप कहते हैं कि जो बच्चे शारीरिक स्तर पर सक्रिय रहते हैं और बॉल गेम खेलते हैं, उनकी हड्डियों का स्वास्थ्य सुधरता है।' इस शोध के लिए 295 स्कूली बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों पर साल भर निरंतर जांच की गई। इन बच्चों को साल भर अलग-अलग तरह की गेम्स के जरिए शारीरिक गतिविधियों में शामिल रहने को कहा गया, जिनमें  बॉल गेम्स भी थे। जिन बच्चों ने सामान्य स्कूली गतिविधियों में भाग लिया और जिन्होंने बॉल गेम्स खेलें, जो जिमनास्टिक करते रहें, उनके शारीरिक विकास की तुलना की गई। शोध के दौरान ऐसे बच्चे जो दिन में 40 मिनट बॉल खेलते थे, उनकी मांसपेशियों में 10 प्रतिशत, संतुलन में 15 प्रतिशत और हड्डियों के स्वास्थ्य में 45 प्रतिशत तक की बढ़ाेतरी हुई।
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