बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को शरीर में कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का कारक माना जाता है, इसका सबसे ज्यादा खतरा हृदय स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ाने का जोखिम हो सकती है, यहां तक कि कम उम्र के लोगों में भी इसका खतरा देखा जा रहा है। ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता है। गुड (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल और बैड (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल। सेहत को सबसे ज्यादा खतरा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से होता है। हालांकि एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने सचेत किया है कि गुड कोलेस्ट्रॉल का भी शरीर में बहुत अधिक स्तर समस्याकारक हो सकता है। ये आपमें मस्तिष्क से संबंधित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है।
एचडीएल कोलेस्ट्रॉल की अधिकता वाले लोगों में याददाश्त, परिस्थितियों से डील करने की स्थिति, निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करने वाली बीमारी डिमेंशिया के जोखिमों को बढ़ाती हुई देखी गई है। जिसका मतलब है कि गुड कोलेस्ट्रॉल की अधिकता भी सेहत के लिए गुड नहीं है।