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Covid-19 INSACOG डेटा: देश के ज्यादातर हिस्सों में फैल गया है JN.1 वैरिएंट, दिसंबर में तेजी से बढ़ा संक्रमण

Mon, 08 Jan 2024 12:59 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड सब वेरिएंट JN.1 (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock
कोरोनावायरस का नया वैरिएंट JN.1 पिछले दो महीनों से दुनियाभर में तेजी से फैलता देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम समय में ही इसका प्रसार 40 से अधिक देशों में हो गया है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वैज्ञानिकों ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि ये वैरिएंट भविष्य के लिए खतरा बनकर उभर सकता है, सभी लोगों को इससे बचाव को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कई देशों में इस नए वैरिएंट के कारण संक्रमण की एक और लहर की आशंका भी जताई जा रही है।



भारत में भी ओमिक्रॉन का JN.1 सब-वैरिएंट तेजी से संक्रमण बढ़ाता हुआ देखा जा रहा है। इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के डेटा में सभी को अलर्ट करते हुए कहा गया है कि ये नया वैरिएंट भारत के भी अधिकांश हिस्सों में फैल चुका है, जो खतरनाक संकेत हो सकता है। कोरोना के इस वैरिएंट के कारण किस प्रकार के जोखिम हो सकते हैं, क्या इससे बचाव के लिए नए सिरे से बूस्टर वैक्सीनेशन की आवश्यकता होगी? आइए इस बारे में जानते हैं।
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कोरोना के नए मामले - फोटो : PTI
पिछले 24 घंटे में फिर 700 से अधिक केस

पहले देश में पिछले 24 घंटे के कोविड-19 डेटा पर नजर डाल लेते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना के 756 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं, इसके साथ अब कुल एक्टिव संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4049 पहुंच गई है।

INSACOG के डेटा से पता चलता है कि भारत में JN.1 प्रमुख स्ट्रेन बन गया है। पूर्वी क्षेत्र को छोड़कर- जहां ओडिशा और पश्चिम बंगाल ने वैरिएंट की सूचना दी है ये वैरिएंट भारत के लगभग सभी हिस्सों में फैल गया है। 
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देशभर में बढ़ रहा है कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश के लगभग सभी हिस्सों में फैला नया वैरिएंट 

डेटा के मुताबिक JN.1 वैरिएंट का सबसे ज्यादा असर दक्षिण के राज्यों में देखा जा रहा है। उसके बाद उत्तर और पश्चिम के राज्यों से संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में इंसाकॉग प्रयोगशालाओं में पूर्व के राज्यों से परीक्षण किए गए सभी कोविड पॉजिटिव सैंपल में से केवल 28.6 प्रतिशत JN.1 के थे। इसकी तुलना में दक्षिण के राज्यों से आने वाले सैंपल की टेस्टिंग में 95-100 फीसदी सैंपल के परिणाम नए वैरिएंट से संक्रमण वाले देखे जा रहे हैं।

मासिक रिपोर्ट से पता चलता है कि दिसंबर में JN.1 मामलों की में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। रविवार तक के इंसाकॉग डेटा के अनुसार 536 JN.1 मामलों में से 503 का पता दिसंबर की ही सैंपल टेस्टिंग में लगाया गया है।

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नए वैरिएंट से संक्रमण का जोखिम - फोटो : iStock
12 राज्यों में 536 मामले

रविवार को INSACOG वेबसाइट पर अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 682 सैंपल में JN.1 वैरिएंट का पता लगाया है। केरल में नए वैरिएंट के सबसे अधिक 154 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 111, गुजरात में 76, गोवा में 51, राजस्थान और तेलंगाना में 32-32, आंध्र प्रदेश में 29, तमिलनाडु में 22, दिल्ली में 16, कर्नाटक में आठ, ओडिशा में तीन और पश्चिम बंगाल में दो मामले हैं। 
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नए वैरिएंट से संक्रमण के लक्षण - फोटो : iStock
JN.1 की प्रकृति संक्रामक 

JN.1 की संक्रामक प्रकृति के बारे में इंटेंसिव केयर यूनिट के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विक्रमजीत सिंह बताते हैं, ये वैरिएंट आसानी से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया से बच जाता है जिससे सभी लोगों में इसके कारण संक्रमण का खतरा हो सकता है। ये संक्रामक जरूर है पर गंभीर रोगों का कारक बनता नहीं दिख रहा है, ज्यादातर मामलों में संक्रमितों को बुखार, खांसी, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार और कुछ लोगों में सांस लेने की समस्याएं देखी जाती रही हैं। हालांकि इसका सबसे बड़ा खतरा ये है कि किसी आबादी में ये काफी तेजी से फैलने वाला वैरिएंट पाया गया है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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