दुनियाभर में फैली कोरोना महामारी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। डेल्टा वैरिएंट से संक्रमण के कारण जहां लोगों को गंभीर लक्षणों का अनुभव हुआ, वहीं ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की संक्रामकता दर चिंता बढ़ाने वाली है। इसके अलावा कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लॉन्ग कोविड भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कई लोगों में इससे संबंधित दिक्कतें, संक्रमण से ठीक होने के छह महीने से लेकर एक साल तक भी देखी जा रही हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोरोना के दौरान और इससे ठीक होने के बाद भी बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।
लॉन्ग कोविड और इसके जोखिमों को लेकर अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की एक टीम ने बड़ा खुलासा किया है। शोध में पाया गया है कि अलग-अलग कोविड वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों में लॉन्ग कोविड के लक्षण भी भिन्न हो सकते हैं। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, ये लक्षण बीमारी के समय से लेकर ठीक होने के बाद तक बने रह सकते हैं। इन लक्षणों को गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।