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NIPAH Virus: क्या कोरोना की ही तरह एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है ये जानलेवा संक्रमण, किसे ज्यादा खतरा?

Sun, 17 Sep 2023 01:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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निपाह संक्रमण का जोखिम - फोटो : istock
केरल में निपाह वायरस का बढ़ता संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। अब तक यहां 6 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है, एक हजार से अधिक निकट संपर्क में आए लोगों की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है। कोझिकोड जिले से शुरू हुआ संक्रमण अब 30 से अधिक शहरों में बढ़ गया है। राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए पड़ोसी राज्यों में को भी अलर्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल अनावश्यक यात्रा  करने से बचें और इस वायरल संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहें।

निपाह वायरस के संक्रमण के कारण मृत्युदर 40-70 फीसदी के बीच देखा जा रहा है, जिसके कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता और भी बढ़ गई है। इस वायरल संक्रमण को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। क्या यह कोरोना जितना ही खतरनाक है, क्या इसका प्रसार भी कोविड की ही तरह एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है? और किन लोगों में इस रोग का खतरा अधिक हो सकता है, आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
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निपाह के जोखिम कारक - फोटो : iStock
निपाह के कारण मृत्युदर अधिक

भारत में देखा जा रहा निपाह वायरस का ये स्ट्रेन मुख्यरूप में बांग्लादेश का माना जा रहा है, जिसे अध्ययनों में संक्रामकता के मामले में तो कम पाया गया है, हालांकि इसके कारण मृत्यु का जोखिम अधिक हो सकता है। 

अध्ययनकर्ताओं ने बताया निपाह वायरस के मुख्यरूप से दो प्रकारों के बारे में पता चलता है जिसमें मलेशिया और बांग्लादेश स्ट्रेन प्रमुख है। मलेशिया स्ट्रेन के कारण संक्रमित व्यक्ति से दूसरे को संक्रमण होने का खतरा कम देखा जाता रहा है, हालांकि बांग्लादेश स्ट्रेन के कारण इसका जोखिम अधिक हो सकता है और इसके एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी से बढ़ने का जोखिम भी अधिक रहा है।
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निपाह संक्रमण का खतरा - फोटो : iStock
संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में संक्रमण का खतरा

निपाह वायरस के संक्रमण के मामले सामने आने के बाद से लोगों के मन में ये बड़ा सवाल रहा है कि क्या कोरोना की तरह इसका संक्रमण भी एक से दूसरे व्यक्ति में होता है, अगर हां तो क्या इससे बचाव के लिए भी सोशल आइसोलेशन जरूरी है?

इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह का संक्रमण भी कोरोना की ही तरह से एक से दूसरे में तेजी से हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के शरीर के स्राव जैसे मूत्र, रक्त और नाक या छींक से निकली बूंदों के सीधे संपर्क में आने से स्वस्थ व्यक्तियों में इसका खतरा हो सकता है। यही कारण है इन दिनों केरल में देखे जा रहे ज्यादातर संक्रमित स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारी हैं। 
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निपाह वायरस कैसे फैलता है? - फोटो : istock
किन लोगों में इस संक्रमण के खतरा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह का संक्रमण किसी को भी हो सकता है, हालांकि इसमें भी शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता की बड़ी भूमिका होती है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें संक्रामक रोगों का खतरा अधिक हो सकता है। संक्रमित चमगादड़-सुअरों के संपर्क में आए फलों के खाने से इसका संक्रमण हो सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि चमगादड़ के मल से दूषित फलों के सेवन के कारण भी इस रोग का खतरा हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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