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Covid-19: गंभीर रोग और मृत्युदर का कम होगा खतरा, वैज्ञानिकों ने खोज निकाला बेहद प्रभावी तरीका

Tue, 17 May 2022 06:27 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोविड-19 से मौत का खतरा कैसे कम करें? - फोटो : istock
कोरोना महामारी, पिछले दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कोरोना के कुछ वैरिएंट्स ने एक ओर जहां गंभीर रोग के मामलों में तेजी से इजाफा किया, वहीं इस समय दुनियाभर के लिए चिंता का कारण बने ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की संक्रामकता दर परेशानियां बढ़ाने वाली है।

संक्रमण और गंभीर रोग के मामलों के साथ-साथ कोविड-19 से मरने वालों की संख्या भी काफी चिंताजनक है। 17 मई तक वैश्विक स्तर पर 52.33 करोड़ से अधिक लोग संक्रमण के शिकार हो चुके हैं, जिसमें से 62.90 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। भारत में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 5.24 लाख से अधिक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण की गंभीर स्थिति में मृत्यु का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए लोगों को लक्षणों पर ध्यान देते हुए समय पर आवश्यक उपचार कराना चाहिए। इस बीच कोरोना से मृत्यु के खतरे को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक कारगर तरीके के बारे में जानकारी दी है। दावा किया जा रहा है कि इस उपाय से कोरोना मृत्युदर को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।
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एस्ट्रोजन से कम होता है जोखिम - फोटो : iStock
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से बच सकती है जान

जर्नल फैमिली प्रेक्टिस में प्रकाशित एक शोध में वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 के निदान के छह महीने के भीतर अगर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ले ली जाए तो इस वायरल बीमारी के दुष्प्रभावों से मृत्युदर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने कोविड-19 की शिकार महिलाओं में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या कंबाइंड ओरल कांट्रिसेप्टिव के प्रभावों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर शोधकर्ताओं ने इस तरीके को काफी कारगर बताया है। 
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एस्ट्रोजन हार्मोन से कम हो सकता है गंभीर रोग का जोखिम - फोटो : istock
मौखिक गर्भनिरोधक और कोविड-19 का जोखिम

ऑक्सफोर्ड और साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम ने 18 साल से अधिक आयु वाली 1,863,478 महिलाओं पर यह शोध किया । इस अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने मौखिक गर्भनिरोधक के सेवन और कोविड-19 के कम खतरे के बीच लिंक को जानने की कोशिश की।

असल में गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन हार्मोन अधिक होता है। वहीं कुछ अध्ययनों के विश्लेषण में यह भी पाया गया है कि मौखिक गर्भनिरोधक लेने वाली महिलाओं में कोविड-19 का जोखिम भी कम होता है। इस शोध के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि क्या इस तरह के हार्मोन रिप्लेसमेंट के माध्यम से कोविड-19 से मौत के खतरे को कम किया जा सकता है?

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एस्ट्रोजन थेरपी से कम हो सकता है कोविड-19 मौत का खतरे - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?

महिला और पुरुषों के डेटा अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि एस्ट्रोजन, कोविड-19 से होने वाली मौत के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है। शोधकर्ताओं ने नोट किया कि वैसे तो पुरुष और महिलाएं समान रूप से सार्स-सीओवी-2 वायरस के प्रति संवेदनशील होते हैं, हालांकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में अधिक गंभीर संक्रमण और मृत्यु का खतरा अधिक पाया गया। शोध के परिणाम में वैज्ञानिकों ने पाया कि कम उम्र की महिलाओं या हाई एस्ट्रोजन के स्तर वाले लोगों में कोविड-19 जटिलताओं की आशंका कम होती है।
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कोविड-19 की गंभीरता से बचाने के लिए अध्ययन - फोटो : iStock
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अध्ययन के निष्कर्ष में रिसर्च के लेखकों में से एक प्रोफेसर क्रिस्टोफर विलकॉक्स कहते हैं, इस शोध से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि एस्ट्रोजन, गंभीर कोविड-19 रोग के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कोविड-19 की गंभीरता से बचने के लिए आप खुद से एस्ट्रोजन बढ़ाने वाले उपाय शुरू कर दें। इसके भी कई तरह के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। गंभीर रोग की स्थिति में रोगियों की जान बचाने के लिए इस अध्ययन के परिणाम काफी मददगार साबित हो सकते हैं।


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स्रोत और संदर्भ
Mortality in COVID-19 among women on hormone replacement therapy: a retrospective cohort study 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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