कोरोना महामारी, पिछले दो साल से अधिक समय से पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। कोरोना के कुछ वैरिएंट्स ने एक ओर जहां गंभीर रोग के मामलों में तेजी से इजाफा किया, वहीं इस समय दुनियाभर के लिए चिंता का कारण बने ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स की संक्रामकता दर परेशानियां बढ़ाने वाली है।
संक्रमण और गंभीर रोग के मामलों के साथ-साथ कोविड-19 से मरने वालों की संख्या भी काफी चिंताजनक है। 17 मई तक वैश्विक स्तर पर 52.33 करोड़ से अधिक लोग संक्रमण के शिकार हो चुके हैं, जिसमें से 62.90 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है। भारत में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 5.24 लाख से अधिक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण की गंभीर स्थिति में मृत्यु का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए लोगों को लक्षणों पर ध्यान देते हुए समय पर आवश्यक उपचार कराना चाहिए। इस बीच कोरोना से मृत्यु के खतरे को कम करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक कारगर तरीके के बारे में जानकारी दी है। दावा किया जा रहा है कि इस उपाय से कोरोना मृत्युदर को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। आइए इस बारे में आगे विस्तार से जानते हैं।