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अध्ययन: नींद पूरी न होने से बढ़ सकता है कोरोना का खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये सुझाव

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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : iStock
दिन और रात का प्राकृतिक चक्र हमारे पूरे जीवन को एक लय में बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। दिनभर काम करने के बाद रात को शरीर को आराम देना न केवल ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के लिए जरूरी है बल्कि शोध यह भी साबित कर चुके हैं कि रात की इस नींद के दौरान शरीर अपनी टूट-फूट की मरम्मत करता है। यही वह समय होता है जब शरीर विकास भी करता है। शोध यह स्पष्ट कर चुके हैं कि रात की अच्छी नींद अच्छी हाइट, संतुलित वजन आदि के लिए भी बहुत जरूरी होती है।

कोरोना महामारी के आने के बाद से जितना असर हम सबकी दिनचर्या और नींद पर पड़ा है, उसने स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कॉर्पोरेट लाइफ, काम की बदली शिफ्ट्स और मोबाइल जैसे गैजेट्स ने पहले ही नींद की साइकिल को अस्त-व्यस्त कर रखा था, ऊपर से महामारी के आने के बाद लगे लॉकडाउन ने इसको और भी असंतुलित कर दिया। न सोने का निश्चित समय रहा और ना जागने का। इसके अलावा लैपटॉप, मोबाइल और कम्प्यूटर जैसे साधनों के ज्यादा उपयोग ने नींद पर और बुरा असर डाला। अब कोरोना के संदर्भ में हुए शोध यह भी कह रहे हैं कि अगर आप पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते या किसी प्रकार की नींद संबंधी समस्या से ग्रसित हैं तो तुरंत इसका इलाज करें, क्योंकि यह आपके लिए कोरोना की समस्या को और भी गंभीर बना सकता है।
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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : iStock
इस नए शोध के अनुसार वे लोग जिनकी नींद पर्याप्त नहीं है, उनके कोरोना के शिकंजे में आने की रिस्क और भी बढ़ जाती है क्योंकि अच्छी नींद का संबंध अच्छी इम्युनिटी से भी होता है। यही नहीं ऐसे लोगों में कोरोना के संक्रमण के गंभीर होने का खतरा भी अन्य लोगों की तुलना में अधिक होता है। ऊपर से यदि ये लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, थाइरॉइड या अन्य लाइफस्टाइल डिसीजेस से भी ग्रसित हैं तो मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं।
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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay
सुधारिए नींद का पैटर्न:

यूं एक सामान्य स्वस्थ मनुष्य के लिए 8 घंटे की नींद को आदर्श माना जाता है लेकिन नींद की अपनी बायोलॉजिकल क्लॉक सबके लिए अलग भी हो सकती है। किसी व्यक्ति को 5 घंटे सोने से ही पर्याप्त ऊर्जा मिल सकती है तो किसी के लिए 9 घंटे भी कम होते हैं।  असल में एक अच्छी और भरपूर नींद का मतलब है वह स्थिति जब सोकर उठने के बाद आप थकान, उनींदापन, व्यवहार में परिवर्तन आदि महसूस न करें। विशेषज्ञ इस तरह की पूरी नींद को लाइट स्लीप, डीप स्लीप और आरईएम यानी रैपिड आई मूमेंट के चरणों में बांटते हैं।  एक अच्छी नींद का मतलब है इन चरणों का हर रात इसी क्रम में पूरा होना जिसमें उम्र के हिसाब से अलग-अलग समय लग सकता है।

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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay
कोरोना ने बिगाड़ी लय:

कोरोना के आने के बाद से न केवल घर में रहने वालों की नींद बिगड़ी है बल्कि कोरोना पीड़ित लोगों में भी नींद संबंधी अनियमितता देखने में आई है। हर उम्र के व्यक्ति की नींद पर इस बीमारी ने बुरा असर डाला है। इसके पीछे बीमारी की वजह से शरीर में आये असंतुलन के अलावा, बीमारी की वजह से पनपा डर, एंग्जायटी, स्ट्रेस और दवाइयों का असर भी कारण है।
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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : istock
ऐसे करें मैनेज:

चाहे आप कोरोना से गुजरे हों या नहीं, अपनी नींद के पैटर्न पर एक नजर डालें। अगर आपको लगता है कि आपकी नींद ठीक नहीं है तो तुरंत इसे ठीक करने के लिए प्रयत्न करें। इसमें कुछ सुझाव आपकी मदद कर सकते हैं ।  जैसे-

-यदि आप कोरोना पीड़ित रह चुके हैं तो सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी सभी विटामिन्स और पोषक तत्वों की खुराक के बारे में पूछें। इससे शरीर की कमजोरी दूर होगी और नींद आने में मदद मिलेगी।

-अपने नींद के समय को निर्धारित रखें। तय समय पर रोज बिस्तर पर जाएँ और उसके पहले गुनगुने पानी से हाथ-पैर धो लें। कई दिनों तक एक ही समय पर सोने जाने से धीरे धीरे ये आपके रूटीन में आ जायेगा।

-सोने से पहले कुछ भी खाएं-पीएं नहीं। इसका सबसे अच्छा तरीका है सोने के 15 मिनिट पहले दांतों को ब्रश कर लेना। साथ ही रात को न तो भूखे पेट सोएं न ही ढेर सारा खाना खाकर। हां, सोने के आधा घंटे पहले एक कप गुनगुना दूध जरूर लिया जा सकता है।

-आपका सोने का कमरा हवादार और साफ़ हो, बिस्तर भी साफ़ हो यह बहुत जरूरी है। इसलिए तकिये के कवर और चादरों को कम से कम हफ्ते में एक बार जरूर बदलें। साथ ही रात को तेज लाइट, मोबाइल जैसे गैजेट्स आदि से दूरी बना लें । हल्की नीली या हरी रौशनी वाला एक नाइट बल्ब जरूर जलाया जा सकता है क्योंकि ये रंग दिमाग को शांत रहने का संदेश देते हैं।
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नींद पूरी न होने से कोरोना का खतरा - फोटो : iStock
-अगर बिस्तर पर जाने के बाद 10 मिनिट्स नींद न आये तो उठकर कोई किताब पढ़ें या अच्छी यादों के बारे में सोचें। मोबाइल गेम की तरफ हाथ बिलकुल न बढ़ाएं।

-नियमित एक्सरसाइज और संतुलित भोजन अच्छी नींद के लिए और नींद के दौरान शरीर को ऊर्जा देने के लिए बहुत जरूरी है । इन्हें अपनाएं।

-मेडिटेशन, संगीत, आदि का सहयोग लें।

-अपनी मर्जी से नींद की गोली लेने का जोखिम बिलकुल न लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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