हृदय, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंगों में से एक है, जिसके विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इस अंग में होने वाली कोई भी समस्या गंभीर और जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकती है। हृदय गति बढ़ने या घटने की समस्या भी ऐसी ही खतरनाक है, मेडिकल की भाषा में इस एट्रियल फाइब्रिलेशन (एएफआईबी) कहा जाता है। अनियमित रूप से दिल के धड़कने की समस्या कुछ लोगों में तो किसी भी समस्या का कारण नहीं बनती है, जबकि कुछ लोगों में यह स्ट्रोक और दिल के दौरे से लेकर हार्ट फेलियर तक के जोखिमों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
सामान्यतौर पर हमारा दिल एक मिनट में 60-100 बार तक धड़कता है, हालांकि कुछ स्थितियों जैसे बहुत खुशी-दुख, सरप्राइज की स्थिति में यह गति बढ़ सकती है। पर यदि अक्सर ही आपके दिल की धड़कन बढ़ी या कम रहती है तो इसके कारण गंभीर समस्याओं का खतरा हो सकता है, जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
आइए दिल की धड़कन में अनियमितता को प्रबंधित करने के तरीकों के बारे में जानते हैं।