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Women's Day: 60-70% महिलाओं में PCOS का हो ही नहीं पाता निदान, इलाज न होने पर गर्भधारण में आ सकती है दिक्कत

Sat, 02 Mar 2024 04:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पीसीओएस की दिक्कत - फोटो : istock
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में होने वाली एक आम स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें शरीर में हार्मोन्स के असुंतलन के कारण कई प्रकार की जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। पीसीओएस की शिकार महिलाओं के शरीर में एण्ड्रोजन नामक हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है। एण्ड्रोजन को मेल सेक्स हार्मोन के रूप में जाना जाता है, महिलाओं में इसकी बढ़ी हुई मात्रा के कारण मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं के साथ, चेहरे-शरीर पर बाल आने और मानसिक स्वास्थ्य विकारों का भी खतरा हो सकता है।

पीसीओएस का अगर समय पर निदान या उपचार न किया जाए तो इसके कारण कई प्रकार की दीर्घकालिक स्वास्थ्य विकारों का भी खतरा बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में भले ही ये आम समस्या है पर ज्यादातर इससे अनजान रहती हैं। यही कारण है अध्ययनों में पाया गया है कि करीब 70 फीसदी महिलाओं में पीसीओएस की निदान ही नहीं हो पाता है, लिहाजा अंदर ही अंदर ये कई तरह की बीमारियों को बढ़ाती जाती है।
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मासिक धर्म से संबंधित समस्या - फोटो : Pixabay
प्रजनन-आयु वर्ग में आम है ये बीमारी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि प्रजनन-आयु वर्ग की अनुमानित 8-13 प्रतिशत महिलाओं में पीसीओएस की समस्या हो सकती है, हालांकि दुनियाभर में 60-70% प्रभावित महिलाओं में इसका निदान नहीं हो पाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि निदान में देरी का प्रमुख कारण महिलाओं में इस बीमारी को लेकर जानकारी और शिक्षा की कमी है।

कुछ महिलाएं डॉक्टर के पास जाने में झिझकती हैं, इस बीमारी के लक्षण भी बहुत स्पष्ट नहीं होते हैं या फिर मासिक धर्म की अन्य समस्याओं जैसे होते हैं जिसके कारण भी बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता है।

आइए जानते हैं कि किन संकेतों के दिखते ही आपको अलर्ट हो जाने की आवश्यकता है।
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मासिक धर्म की समस्या - फोटो : istock
अनियमित पीरियड्स की समस्या 

मासिक धर्म की अवधि कम होने या इसके नियमित न होने के कई कारण हो सकते हैं, पर अगर बार-बार आपको ये दिक्कत बनी रहती है तो इसको लेकर गंभीरता से ध्यान देना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है। मासिक धर्म अगर बार-बार या सामान्य अवधि से अधिक समय तक बना रहता है तो इसे पीसीओएस की दिक्कत माना जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर पीसीओएस की समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण गर्भधारण की दिक्कतें भी हो सकती है। 

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चेहरे पर अनचाहे बाल आना - फोटो : istock
असामान्य बालों के विकास का खतरा

पीसीओएस की समस्या में अक्सर महिलाओं में असामान्य बालों के विकास का जोखिम देखा जाता रहा है। इसके कारण आपके चेहरे, बाहों, छाती और पेट पर बाल उग सकते हैं। पीसीओएस से पीड़ित 70% रोगियों में इस तरह के लक्षण देखे जाते रहे हैं। बालों के विकास के साथ-साथ ये बीमारी त्वचा से संबंधित समस्याओं का भी जोखिम बढ़ा देती है। पीसीओएस में मुंहासे होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
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वजन बढ़ने की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Pixabay
तेजी से बढ़ सकता है मोटापा

पीसीओएस से पीड़ित 40 से 60 फीसदी महिलाओं में वजन बढ़ने का जोखिम होने लगता है। चेहरे पर अधिक बाल, मुंहासे और मोटापा जैसी समस्याएं मानसिक स्वास्थ्य विकारों के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। अधिक वजन की स्थिति समय के साथ क्रोनिक बीमारियों जैसे हार्ट की समस्या, डायबिटीज का भी जोखिम बढ़ा देती है, इसलिए जरूरी है कि इन संकेतों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान दिया जाए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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