दर्द को नजरअंदाज करना लगभग हर भारतीय की आदत में होता है। इस मामले में महिला-पुरुष सब बराबर होते हैं। हाथ-पैरों में दर्द है बाम लगा लिया, सिर में दर्द है, तुरंत दर्दनिवारक दवा खा ली, पेट में दर्द है एंटासिड ले लिया। सामान्यतः कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी में एक न एक बार तो ऐसे किसी दर्द से गुजरता ही है और अधिकांशतः इस दर्द को बिना कारण जाने, दबाने की कोशिश की जाती है। क्या वाकई ये इतना आसान है? जी नहीं, दर्द कई तरह के हो सकते हैं और इनको टालना बड़ी मुसीबत को आमंत्रण देना साबित हो सकता है। सितंबर माह को अंतरराष्ट्रीय दर्द जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2021 के लिए इसकी थीम है-'माय पेन प्लान', जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के दर्द के लिए सटीक और सही उपचार के ऊपर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।