मंकीपॉक्स के स्ट्रेन
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अब तक क्लेड-2 के देखे जाते थे मामले
सबसे पहले डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में क्लेड 1बी स्ट्रेन की पहचान होने के बाद यह पड़ोसी देशों में फैल गया था। अगस्त में, अफ्रीका के बाहर क्लेड 1बी संक्रमण की पहली बार पुष्टि हुई थी, ये स्वीडन और थाईलैंड में सामने आया था। अब ये भारत में भी देखा गया है। आइए इन दोनों स्ट्रेन के बारे में समझते हैं।
क्लेड-2 के कारण संक्रमण
क्लेड-2 मुख्य रूप से पश्चिमी अफ्रीका में रिपोर्ट किया जाने वाला स्ट्रेन है। ये संक्रामक तो है पर इसके लक्षण हल्के होते हैं। रोगियों में त्वचा पर घाव, दाने जैसे लक्षण होते हैं। लिम्फैडेनोपैथी यानी लिम्फ नोड्स की समस्याएं इसमें कम स्पष्ट होती हैं। इसकी संक्रामकता और मृत्युदर भी बहुत अधिक नहीं था। हालांकि विशेषज्ञ इसे खतरे के रूप में वर्गीकृत करते हैं।