मानसून के मौसम और इसके बाद के कुछ महीनों में डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा अधिक देखा जाता है। हालिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि देश के
कई राज्यों में डेंगू के मरीजों के केस बढ़ गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल (एनसीवीबीडीसी) के आंकड़ों के अनुसार भारत में इस साल अब तक 19,447 से अधिक डेंगू के मामले दर्ज किए गए वहीं इसके कारण 16 लोगों की मौत भी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सितंबर-अक्तूबर के महीनों को सबसे चुनौतीपूर्ण मानते हैं, हर साल इन महीनों में डेंगू का प्रकोप अधिक होता है।
संक्रमित एडीज एजिप्टी मच्छरों के काटने से ये रोग होता है। डेंगू के मच्छर ज्यादातर दिन के समय काटते हैं। वैसे तो डेंगू में तेज बुखार, ठंड लगने, शरीर में दर्द, थकान, ऐंठन, चकत्ते और मतली जैसी दिक्कतें होना सामान्य है पर कुछ स्थितियों में ये गंभीर रक्तस्रावी समस्याओं को भी जन्म दे सकती है, जिसके जानलेवा दुष्प्रभाव देखे जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू के लक्षणों को पहचानकर समय रहते इसका इलाज कराना और बचाव के लिए एहतियाती उपाय करते रहना बहुत जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं कि इसके लिए क्या तरीके अपनाए जा सकते हैं?