फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड-19: संक्रमण के दैनिक मामलों में हुआ सुधार पर JN.1 का प्रसार चिंताजनक, रोगियों के इलाज के लिए नई गाइडलाइन

Sun, 14 Jan 2024 03:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
कोरोना संक्रमण के मामले - फोटो : istock
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के म्यूटेटेड वर्जन JN.1 के कारण पिछले कुछ हफ्तों से दैनिक संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते हुए रिपोर्ट किए जा रहे थे, हालांकि रविवार को जारी आंकड़ों में इसमें थोड़ा सुधार देखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा की गई कोरोना के जानकारियों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देश में 375 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है, दो लोगों के मौत के मामले भी सामने आए हैं।

गौरतलब है कि पिछले करीब दो हफ्तों से रोजाना औसतन 500-600 नए लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा रही थी। देश में अब कोविड-19 के एक्टिव केस भी कम होकर 3075 रह गए हैं।

कोरोना के दैनिक मामलों में थोड़ी कमी जरूर देखी गई है पर JN.1 वैरिएंट का देश में प्रसार तेजी से जारी है। आंकड़ों के मुताबिक ये वैरिएंट अब 17 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है और इससे संक्रमितों की संख्या भी बढ़कर 1200 को पार कर गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस गति से ये नया वैरिएंट बढ़ रहा है वो निश्चित ही चिंताजनक है। कई देशों में इसी वैरिएंट के कारण हालात काफी तेजी से बिगड़े हैं, वहां से सीख लेते हुए हम सभी को सावधान रहने की आवश्यकता है।
विज्ञापन

2 of 4
कोरोना के नए वैरिएंट्स - फोटो : iStock
संक्रमण से रिकवरी की दर 98.81 प्रतिशत

कोरोना संक्रमण को लेकर प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक ज्यादातर रोगियों में हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। संक्रमण के शिकार अधिकतर लोगों में एसिम्टोमेटिक लक्षण हैं और ज्यादतर लोग घर पर ही आसानी से ठीक हो रहे हैं। मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, महामारी से लेकर अब तक इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4.4 करोड़ से अधिक है, फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर रिकवरी की दर 98.81 प्रतिशत है, जो काफी राहत देती है।

देश में फिलहाल कोरोना के 3000 से अधिक सक्रिय मामलों में से अधिकांश (लगभग 92 प्रतिशत) सेल्फ आइसोलेशन और सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं।
विज्ञापन

3 of 4
कोरोना के इलाज के लिए गाइडलाइंस - फोटो : istock
इलाज के लिए नए दिशा निर्देश जारी

इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र में रोगियों के इलाज को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। मुंबई कोविड टास्क फोर्स का कहना है कि नए दिशानिर्देशों में एसिम्टोमेटिक रोगियों के लिए बहुत जरूरत होने पर ही एंटीवायरल दवा के उपयोग की सलाह दी गई है। राज्य कोविड टास्क फोर्स ने उपचार की नई गाइडलाइंस में कहा, बिना लक्षण या जटिलताओं वाले कोविड-19 रोगियों को एंटीवायरल दवाओं की आवश्यकता नहीं है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, जिन संक्रमितों को कोमोरबिडिटी की शिकायत रही है, उन्हें उपचार के अन्य उपायों के साथ आवश्यकता पड़ने पर रेमेडिसविर दवा दी जा सकती है। वहीं अगर रोगी को कोई और संक्रमण न हो तो उसे एंटीबायोटिक दवाएं बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। 
विज्ञापन

4 of 4
एंटीवायरल का उपयोग - फोटो : Social media
एंटीवायरल दवाओं के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइन

एंटीवायरल के बेतरतीब इस्तेमाल के खिलाफ सलाह देते हुए टास्क फोर्स ने कहा है कि ज्यादातर मरीजों का इलाज सामन्य दवाओं से किया जा सकता है और वे ठीक भी हो रहे हैं। एंटीवायरल का उपयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब लक्षण लगातार बने रहें या जटिलताएं बढ़ रही हों।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया, वर्तमान में उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि JN.1 वैरिएंट न तो गंभीर मामलों का कारण बन रहा है और न ही इससे अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर का ज्यादा जोखिम है। अगर सावधानी बरती जाए और कोरोना से बचाव के उपायों का पालन किया जाए तो इस नए वैरिएंट के प्रसार को रोका जा सकता है।  


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें