कोरोना संक्रमण ने प्रत्यक्ष-अप्रत्क्ष कई तरह से लोगों की सेहत को प्रभावित किया है। कोरोना के प्रत्यक्ष प्रभावों जैसे फेफड़े-हृदय संबंधी समस्या और मानसिक रोगों के बारे में कई रिपोर्टस में हम सबने खूब पढ़ लिया है, यहां हम कोरोना के अप्रत्क्ष प्रभाव के बारे में बात करने जा रहे हैं। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन ने लोगों को घरों में बंद रहने पर मजबूर कर दिया। स्कूल की पढ़ाई हो या ऑफिस का काम, कोरोना काल में सबकुछ ऑनलाइन हो गया। लिहाजा लोगों का स्क्रीन टाइम पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बढ़ गया। सरल शब्दों में स्क्रीन टाइम का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा लैपटॉप, डेस्कटॉप, स्मार्टफोन और टेलीविजन जैसे स्क्रीन वाले डिवाइस पर बिताया जाने वाला अधिक समय होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम कई प्रकार के गंभीर रोगों का कारण बन सकता है।
हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम कई तरह की समस्याओं को जन्म दे रहा है। विशेषकर कम उम्र के बच्चों में यह गंभीर मोटापे की समस्या का कारण बन सकता है। मोटापे को कई गंभीर रोगों जैसे हृदय रोग और डायबिटीज का मुख्य कारक माना जाता है।