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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच अगर कोई बीमारी हुई, तो कितने दिन बाद लगवाएं टीका?

Wed, 25 Aug 2021 09:50 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना की डोज - फोटो : iStock
देश में कोरोना महामारी का कहर इतनी जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि भारत में लंबे समय तक कोरोना का प्रभाव रह सकता है, लोगों को संक्रमण के साथ ही रहना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत संभव है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव की स्थिति इसी तरह जारी रह सकती है। दरअसल, देश में संक्रमण के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालांकि इस बीच कोरोना से स्वस्थ होने की दर भी लगातार बढ़ रही है। इस महामारी से देश में अब तक तीन करोड़ 17 लाख से अधिक लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, टीकाकरण अभियान के तहत देश में अब तक 58 करोड़ 89 लाख से अधिक कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की अन्य लहरों से बचने के लिए क्या क्या कर सकते हैं? 
  • एम्स के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'अंग्रेजी में एक कहावत है, प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर। अगर हम पहले से ही बचाव कर लें, जैसे कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन करना और कोविड से बचने में उचित उपाय करते रहना। जो डिसिप्लिन (अनुशासन) हमने सीखा था, जैसे सामाजिक दूरी या दो हाथ की दूरी, बाहर जाएं तो मास्क जरूर लगाएं, हाथ धोएं और भीड़भाड़ वाले इलाके में न जाएं, इन सबका पालन करें। हमें सचेत रहना होगा।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की पहली और दूसरी डोज के बीच में अगर कोई बीमारी हो जाती है, तो कितने दिन बाद टीका लगवाना चाहिए? 
  • डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'सबसे पहले कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन तो करना ही है, उसके अतिरिक्त अगर ऐसी कोई बीमारी है तो रोग चिकित्सक को दिखाएं। सभी बीमारियों का प्रभाव अलग-अलग होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही टीका लगवाएं।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
जो लोग कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगे? 
  • डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। जिस समाज में हम रह रहे हैं, उसके प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी है। ये एक गंभीर चिंता का विषय है। जैसे हम कहते हैं कि पब्लिक प्लेस (सार्वजनिक जगह) में सिगरेट न पिएं, क्योंकि इससे दूसरों को दिक्कत हो सकती है। ऐसे ही हम कहेंगे, पब्लिक प्लेस में आवश्यक रूप से मास्क लगाएं। सभी को अपना सामाजिक दायित्व समझना चाहिए। जो लोग शादी या पार्टी में जाते हैं, वहां जाने से बचें, क्योंकि इससे संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से पहुंच सकता है।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों के लिए जाइडस कैडिला की जाइकोव-डी वैक्सीन आई है, इस पर आप क्या कहेंगे? 
  • डॉ. अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं, 'ये एक डीएनए आधारित वैक्सीन है और ये काफी नया प्रयोग है। 12 वर्ष से ऊपर के लोगों को ये वैक्सीन दी जाएगी, इससे विशेष प्रोटेक्शन (सुरक्षा) मिलेगा। इसलिए बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी।' 
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