भारत में योग का इतिहास बड़ा प्राचीन और समृद्ध रहा है। सदियों से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके इससे लाभ प्राप्त किए जाते रहे हैं। योग न सिर्फ मानसिक रूप से शांति देने वाले अभ्यास हैं, साथ ही कई तरह की शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी योगासनों के अभ्यास को लाभकारी पाया गया है। अध्ययन बताते हैं कि योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप कम से कम 20 बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।
योग आपकी मनोस्थिति को शांत करके अवसाद-चिंता सहित मानसिक स्वास्थ्य और हृदय-फेफड़े और रक्तचाप सहित कई तरह की शारीरिक समस्याओं के खतरे से आपको सुरक्षित रखने में सहायक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में बढ़ रही ज्यादातर बीमारियों के लिए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि जीवनशैली की निष्क्रियता को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। योग के अभ्यास की आदत आपको सक्रिय रखकर ऐसी तमाम समस्याओं से सुरक्षित रखने में मददगार है। इसी क्रम में वैश्विक स्तर पर योगाभ्यास को बढ़ावा देने और लोगों को योग के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके किस प्रकार से कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है?