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International Yoga Day 2022: नियमित योगासनों की आदत करीब 20 बीमारियों के जोखिम को कर देती है कम

Tue, 21 Jun 2022 12:18 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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योगासनों की बनाएं आदत - फोटो : Pixabay
भारत में योग का इतिहास बड़ा प्राचीन और समृद्ध रहा है। सदियों से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके इससे लाभ प्राप्त किए जाते रहे हैं। योग न सिर्फ मानसिक रूप से शांति देने वाले अभ्यास हैं, साथ ही कई तरह की शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में भी योगासनों के अभ्यास को लाभकारी पाया गया है। अध्ययन बताते हैं कि योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर आप कम से कम 20 बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं।

योग आपकी मनोस्थिति को शांत करके अवसाद-चिंता सहित मानसिक स्वास्थ्य और हृदय-फेफड़े और रक्तचाप सहित कई तरह की शारीरिक समस्याओं के खतरे से आपको सुरक्षित रखने में सहायक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में बढ़ रही ज्यादातर बीमारियों के लिए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि जीवनशैली की निष्क्रियता को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। योग के अभ्यास की आदत आपको सक्रिय रखकर ऐसी तमाम समस्याओं से सुरक्षित रखने में मददगार है। इसी क्रम में वैश्विक स्तर पर योगाभ्यास को बढ़ावा देने और लोगों को योग के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके किस प्रकार से कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है?
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हाइपरटेंशन में योग के लाभ - फोटो : Pixabay
रक्तचाप और मोटापा को कम करने में कारगर हैं योग

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली 20 से अधिक बीमारियों के कारण पर गौर करें तो इसके लिए बढ़े हुए रक्तचाप और मोटापा को  प्रमुख कारक के तौर पर माना जा सकता है। दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हृदय रोगों से लेकर साइलेंट किलर डायबिटीज तक के लिए यह दोनों ही स्थितियां प्रमुख जोखिम कारक रही हैं।

योग की आदत बनाकर इसके खतरे को कम किया जा सकता है। शोध बताते हैं कि नियमित योगासनों का अभ्यास करने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में मोटापे का खतरा कम होता है।
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योगासनों के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Istock
रक्तचाप का कम हो सकता है खतरा

साल 2011 में योग से रक्तचाप को जोखिम को कम करने वाले प्रभावों के बारे में जानने के लिए अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को दो समूह में बांटा। एक समूह को 12-सप्ताह के लिए दिनर्या में योगासनों के शामिल करने की सलाह दी गई जबकि दूसरे समूह के आहार में परिवर्तन किया गया।

शोधकर्तओं ने निष्कर्ष में पाया कि योग करने वाले समूह के लोगों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में काफी सुधार आ गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि रक्तचाप को कंट्रोल में रखकर आप कई गंभीर रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं।

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ध्यान मुद्रा की बनाइए आदत - फोटो : Pixabay
मेडिटेशन से मानसिक स्वास्थ्य को लाभ

मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं मौजूदा समय में बढ़ती गंभीर बीमारियों से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल करके आप मानसिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचा सकते हैं। कुछ शोध इंगित करते हैं कि मेडिटेशन रक्तचाप को कम करके तनाव-चिंता विकारों को कंट्रोल करने में सहायक है जिसके कारण भविष्य में अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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योग से सुधरती है जीवन की गुणवत्ता - फोटो : istock
जीवन की गुणवत्ता और अवधि पर असर

बीमारियों के जोखिम को कम करने के साथ योगासनों के अभ्यास की आदत आपके जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार कर सकती है। जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में भी इसके अच्छे परिणाम देखे गए हैं। अनुसंधान से पता चला है कि योग अभ्यास आपको रोग मुक्त रखकर दीर्घायु बनाने में सहायता कर सकते है। सुखद जीवन के लिए सभी लोगों को योगासनों को दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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