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कोरोना होने पर आ रहे हैं बुरे ख्याल तो जरूर करें ये काम, जल्द हो जाएंगे स्वस्थ 

Thu, 13 May 2021 08:44 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीवन में तनाव व अवसाद को भी आमंत्रण दे बैठता है - फोटो : Social Media

Medically Reviewed by Dr. Anurag Rathi

डॉ अनुराग राठी, मनोचिकित्सक

बैरठा हॉस्पिटल, मुंबई

डिग्री-एमबीबीएस, डीपीएम

अनुभव- 15 वर्ष 
कोरोना की पहली लहर में कोरोना संक्रमितों का आत्मविश्वास नहीं टूट रहा था लेकिन इन दिनों लोग आसपास की नकारात्मकता को देखकर एकदम घबरा रहे हैं। कोरोना से संक्रमित मरीज आत्मबल खोकर अपने स्वास्थ्य को बिगाड़ रहे हैं। होम आइसोलेशन या अस्पताल में रहने पर मरीज के दिमाग में कोरोना के साथ भय और चिंता का संक्रमण भी बढ़ रहा है। लगातार कोरोना से होने वाली मौत की खबर सुनना, अपनों को संक्रमित कर देने का भय कोरोना के साथ ही मरीज के जीवन में तनाव व अवसाद को भी आमंत्रण दे बैठता है। अगली स्लाइड्स से जानिए कोरोना हो जाने पर यदि बुरे ख्याल आ रहे हैं तो क्या करना चाहिए। 

 

 

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तत्काल दिमाग से मिटाया जा सकता है - फोटो : Social media

नकारात्मकता को दूर ऐसे रखें
डॉक्टर अनुराग राठी का कहना है कि यदि हम अपनी सोच और ऊर्जा की दिशा बदल देंगे तो नकारात्मकता को आसानी से दूर करेंगे। मरीज कोरोना के दौरान चिंता और भय से इस कदर ग्रसित हो रहे हैं कि वे इस बात को भी सोच नहीं पा रहे हैं कि उनकी ये तनाव उन लोगों के लिए चिंता का विषय बन रहा है जिनकी उन्हें चिंता है। छोटी-मोटी चीजों को थोड़ा बहुत समय देकर आसानी से बुरे ख्यालों को तत्काल दिमाग से मिटाया जा सकता है। 

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देर तक न जागें - फोटो : iStock

वक्त पर सोएं और उठें
यदि आप कोरोना का शिकार हो चुके हैं तो सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप अपने सोने उठने के समय को व्यवस्थित रखें। देर तक न जागें या रोज अलग-अलग समय पर न सोएं। जल्दी सोएं और जल्दी जागें, अपनी दिनचर्या को ठीक रखें। यदि नींद पूरे होगी और सही समय पर होगी तो आपका दिमाग अस्वस्थ नहीं रहेगा। दिमाग स्वस्थ रहेगा तो बुरे ख्याल नहीं आएंगे। 

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घंटों उठने का दिल नहीं करता है - फोटो : facebook

व्यायाम करें
व्यायाम करने का अर्थ यह नहीं कि हमेशा ही सुबह एक समय पर आप 30 से 45 मिनट तक कठिन कसरत करें। कोरोना के मरीजों को अक्सर एक जगह बैठ जाने पर घंटों उठने का दिल नहीं करता है। ऐसे में खाली बैठने पर उन्हें तरह-तरह के विचार भी आते हैं इसलिए जैसे ही आपको लग रहा है कि नकारात्मक ख्याल आ रहे हैं तो उस जगह को छोड़े दें और ऐसी कसरत करना शुरू करें जिसमें आपको ज्यादा ऊर्जा नहीं लगाना पड़ रही है। 

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बीमारी की बात कम करें - फोटो : istock

अच्छी बातें करें
उल्टे विचार आ रहे हैं तो उन्हें अच्छी बातों से काटें। ऐसे में यदि आप किसी परिजन से फोन पर बात कर रहे हैं तो कोशिश करें कि बीमारी की बात कम करें और स्वस्थ होने की बातें अधिक करें। यदि आप नकारात्मक बातें अधिक करेंगे तो आपको बुरे ख्याल आते रहेंगे इसलिए इनपर नियंत्रण पाने का प्रयास करें और ये आपको खुद से ही करना होगा। 

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खाना अच्छे से खाएं - फोटो : social media

संतुलित आहार लें
जो डाइट चार्ट आपके चिकित्सक न बताया है, उसका पालन करें। खाना अच्छे से खाएं, नहीं खाने का मन है तब भी खाने की कोशिश करें क्योंकि यदि आप पौष्टिक आहार नहीं लेंगे तो यह आपकी ऊर्जा को प्रभावित करेगा। शरीर में ऊर्जा की कमी होने पर आप उदास रहेंगे, चाहकर भी सकारात्मक नहीं रह पाएंगे इसलिए भोजन अच्छे से एवं तय समय पर करें। 

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