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सलाह: जीवनशैली में कीजिए यह चार बदलाव, कोरोना की तीसरी लहर से हो जाएंगे काफी हद तक सुरक्षित

Mon, 28 Jun 2021 06:37 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मजबूत इम्यूनिटी देगी तीसरी लहर से सुरक्षा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)


कोरोना की संभावित तीसरी लहर पूरे देश में इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है। तीसरी लहर अब आएगी, यह कितनी गंभीर होगी और किन लोगों को इससे विशेष सावधान रहने की जरूरत है, सभी लोगों के दिमाग में इस तरह के सवाल चल रहे हैं। कई देशों में कोरोना के दोबारा से बढ़ते मामले चिंता को और बढ़ाने वाले हैं। इन सब खबरों के बीच तीसरी लहर से बचाव के उपायों को लेकर लोगों में जिज्ञासा देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों की इम्यूनिटी मजबूत होगी, उनपर कोरोना की तीसरी लहर का ज्यादा असर नहीं होगा। वैक्सीन भी इस राह में लाभदायक साबित हो सकती है। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं, उनके शरीर में बनी एंटीबॉडीज कोरोना से उन्हें विशेष सुरक्षा दे सकती हैं। हालांकि कोरोना के कुछ नए वेरिएंट्स पर वैक्सीन की प्रभाविकता को जानने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं।
इन सबके बीच इम्यूनिटी की मजबूती अब भी सर्वोपरि है। आइए इस लेख में कुछ उपायों के बारे में जानते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए कोरोना के तमाम वेरिएंट्स और संभावित तीसरी लहर से सुरक्षा दे सकते हैं। इन नियमों का पालन करके कोरोना की तीसरी लहर से खुद को काफी हद तक सुरक्षित किया जा सकता है।
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रोजाना व्यायाम करना जरूरी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
नियमित रूप से व्यायाम करें
अध्ययनों के अनुसार जो लोग व्यायाम करते हैं उनके शरीर में टी-कोशिकाओं का उत्पादन, व्यायाम न करने वालों की तुलना में अधिक होता है। जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स एंड हेल्थ साइंस में प्रकाशित 2019 के एक अध्ययन के अनुसार, व्यायाम करने से कई ऐसे हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है जो प्राकृतिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित व्यायाम करने की सलाह देते हैं।
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शराब और सिगरेट को कहें न - फोटो : Pixabay
शराब और धूम्रपान से करें परहेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शराब का सेवन शरीर के लिए कई तरह से नुकसानदायक हो सकता है। लिवर की कार्यप्रणाली को कमजोर करने के साथ यह संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता को भी कम कर देता है। इसलिए शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर दें। इसके अलावा धूम्रपान फेफड़ों के लिए काफी नुकसादयक माना जाता है, फेफड़ों को स्वस्थ रखने और प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए इससे बचना चाहिए।

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रात को पूरी नींद लेना सभी के लिए जरूरी - फोटो : pixabay
पर्याप्त नींद लेना सभी के लिए आवश्यक 
स्वस्थ जीवन के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। नींद पूरी न होने से आपकी इम्युनिटी भी प्रभावित हो सकती है। जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार रात की नींद अच्छी लेने वालों में टी-कोशिकाएं को काफी सक्रिय पाया गया। टी कोशिकाएं शरीर में संक्रमण को कम करने और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग बेहतर नींद लेते हैं उनकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया, नींद पूरी न कर पाने वाले लोगों की तुलना में बेहतर होती है।
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तनाव और चिंता से बनाएं दूरी - फोटो : iStock
तनाव मुक्त रहने से बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मानसिक तनाव और इम्यूनिटी का गहरा संबंध है। भले ही आपका खान-पान अच्छा है, नियमित दिनचर्या का पालन कर रहे हैं, लेकिन यदि आप तनाव के शिकार हैं तो यह आपके शरीर की संक्रमणों को मात देने की क्षमता को कम कर देता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो इस समस्या को ठीक करने के शरीर कोर्टिसोल हार्मोन को रिलीज करना शुरू कर देता है। शरीर में कोर्टिसोल का उच्च स्तर समग्र प्रणाली को बाधित कर सकता है। तनाव, हमारी प्रतिरक्षा को कमजोर करने के साथ स्वास्थ्य संबंधी कई अन्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इसलिए तनाव मुक्त रहने के उपायों को प्रयोग में लाते रहें।

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नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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