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Hypotension: ब्लड प्रेशर बढ़ना ही नहीं, कम होना भी है खतरनाक, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Mon, 11 Apr 2022 07:50 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी - फोटो : Pixabay
ब्लड प्रेशर को सामान्यतौर पर इसके बढ़ने की समस्या से अधिक जाना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति लोगों में अधिक सामान्य है, इसे हाइपरटेंशन के नाम से जाना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि हाइपरटेंशन की ही तरह हाइपोटेंशन की समस्या भी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है? हाइपोटेंशन यानी कि रक्तचाप का स्तर कम हो जाना। ब्लड प्रेशर का लगातार कम बना रहना आपमें चक्कर, गंभीर कमजोरी, एकाग्रता से संबंधित समस्याओं के साथ कई अन्य गंभीर जटिलताएं भी पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इसका बढ़ना या कम होना, दोनों ही स्थिति स्वास्थ्य जटिलताओं को बढ़ा सकती है।

डॉक्टर्स बताते हैं, अक्सर हाई ब्लड प्रेशर का इलाज करा रहे लोग, निरंतर अपने रक्तचाप के स्तर पर ध्यान नहीं रख पाते। दवाइयों और अन्य उपायों के कारण ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। पर इसका सामान्य से लगातार कम बना रहना आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है, इसलिए ऐसे रोगियों को समय-समय पर रीडिंग लेते रहना चाहिए, जिससे स्थिति का सही अंदाजा हो सके। आइए हाइपोटेंशन की समस्या के बारे में आगे विस्तार से समझते हैं। 
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रक्तचाप कम होना भी नुकसानदायक - फोटो : Pixabay
ब्लड प्रेशर कम होने की समस्या
120/80 mmHg को सामान्य ब्लड प्रेशर माना जाता है। इसका बढ़ना और कम होना दोनों स्थितियां शरीर के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं। रक्तचाप का 90/60 mmHg से कम हो जाने की स्थिति को लो ब्लड प्रेशर के रूप में जाना जाता है। रक्तचाप कम होने की कई अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों जैसे कारण हो सकते हैं। यदि आपको लगातार हाइपोटेंशन की दिक्कत महसूस होती रहती है तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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ब्लड प्रेशर कम होने की समस्याएं - फोटो : iStock
हाइपोटेंशन के क्या लक्षण होते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक किन्हीं कारणों से मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त रक्त न मिल पाने के कारण हाइपोटेंशन की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव हो सकता है। 
  • चक्कर आना या शरीर का कमजोर महसूस होना।
  • बेहोशी की समस्या।
  • उल्टी या मितली आना।
  • धुंधला या विकृत दिखाई देने लगना।
  • सांस का तेज या बहुत धीरे चलना।
  • भ्रम या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी।
  • व्यवहार में असामान्य परिवर्तन होना।

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ब्लड प्रेशर को कैसे कंट्रोल करें? - फोटो : istock
हाइपोटेंशन को कैसे ठीक किया जाता है?
हाइपोटेंशन की ज्यादातर स्थितियों में विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती है, हालांकि इस बारे में समय पर डॉक्टरी सलाह लेना आवश्यक है जिससे स्थिति का सही निदान किया जा सके। उदाहरण के लिए, यदि हाई ब्लड प्रेशर की दवा के कारण निम्न रक्तचाप की समस्या होती है तो उपचार में आमतौर पर दवा बदलने या खुराक कम करने पर ध्यान दिया जाता है। इसके अलावा आहार में कुछ सामान्य परिवर्तन करके भी रक्तचाप को कंट्रोल किया जा सकता है।
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ब्लड प्रेशर के लिए आहार का रखें विशेष ध्यान - फोटो : Pixabay
लो ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए?
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लगातार कम बना रहता है उन्हें सीमित मात्रा में नमक पानी का घोल देने से लाभ मिल जाता है। हालांकि यदि पहले से व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार है तो इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। इसके अलावा पानी पीते रहने, कॉफी, तुलसी की पत्तियां चबाने, विटामिन बी-12 वाली चीजों के सेवन से भी रक्तचाप को कंट्रोल किया जा सकता है, पर लगातार बनी रहने वाली हाइपोटेंशन की समस्या में डॉक्टरी सलाह बहुत आवश्यक है।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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