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Holi 2025: होली खेलने के बाद दर्द से टूट रहा है शरीर, हो गई है भयंकर थकान? इन उपायों से फिर हो जाएं फिटम-फिट

Sat, 15 Mar 2025 09:15 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

होली खेलने के बाद शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होना आम बात है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, होली की दौड़-भाग, नाच-गाना शरीर में ऊर्जा के भंडार को कम कर देती है, जिससे जैसे ही उत्सव समाप्त होता है आपको थकान महसूस होने लगती है।
 
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होली के बाद थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
रंग, उमंग और उत्साह के त्योहार होली की पूरे देश में धूम है। प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक देशभर में हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाया जा रहा है। एक दूसरे को रंग लगाने, पकवान खिलाने और आपसी मेल-जोल के इस त्योहार का सभी लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। 

होलिका दहन से शुरू होने वाली होली, बाद दोपहर तक खूब जमकर खेली जाती है। हालांकि होली का जश्न खत्म होते ही हममें से अधिकतर लोगों को थकान का एहसास होने लगता है। रंग खेलने के दौरान बहुत अधिक दौड़ने, पानी से खेलने, नाचने और शारीरिक गतिविधियां करने से ऊर्जा का अत्यधिक उपयोग हो जाता है, जिसकी वजह से आपको खूब थकान और नींद जैसा अनुभव हो सकता है। 

आइए जानते हैं कि थकान दूर करने और शरीर को दोबारा से ऊर्जावान बनाने के लिए होली खेलने के बाद आप क्या उपाय कर सकते हैं?


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होली खेलने के बाद थकान होना - फोटो : Adobe Stock
होली के बाद थकान और सुस्ती क्यों होती है?

होली खेलने के बाद शरीर में थकान और सुस्ती महसूस होना आम बात है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, होली की दौड़-भाग, नाच-गाना शरीर में ऊर्जा के भंडार को कम कर देती है, जिससे जैसे ही उत्सव समाप्त होता है आपको थकान महसूस होने लगती है।

रंगों, पानी और धूप में अधिक समय बिताने से शरीर से पसीने के रूप में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम निकल जाते हैं। इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के कारण मांसपेशियों में कमजोरी, सिरदर्द और सुस्ती हो सकती है।
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होली मनाने के बाद सुस्ती - फोटो : Adobe Stock
नींद पूरी न हो पाना भी एक कारण

इसके अलावा कृत्रिम रंगों में भारी धातुएं और हानिकारक केमिकल होते हैं, जो त्वचा और शरीर में अवशोषित होकर एलर्जी, त्वचा में खुजली और थकान उत्पन्न कर सकते हैं।

थकान का एक कारण होली के दिनों में सर्केडियन रिदम का बाधित होना भी माना जाता है। होली से पहले या बाद में देर रात तक जागना और पार्टी करना शरीर के सर्केडियन रिदम (शरीर की जैविक घड़ी) को प्रभावित कर सकता है, आपकी नींद पूरी नहीं होती है, इस वजह से भी थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है।

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पौष्टिक चीजों का करिए सेवन - फोटो : Freepik.com
शरीर को ऊर्जावान बनाने के लिए खाइए पौष्टिक चीजें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, होली खेलने के बाद शरीर को दोबारा से ऊर्जावान बनाने के लिए खूब सारी पौष्टिकता वाली चीजों का सेवन करें।
  • फलों के जूस, नारियल का पानी-गन्ने का जूस आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की तेजी से पूर्ति करने में सहायक माने जाते हैं।
  • तरबूज, केला, सेब या संतरे जैसे फल और पालक, ब्रोकोली और चुकंदर जैसी सब्जियां खाएं। इनमें विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट उच्च मात्रा में होती हैं, जो शरीर को ऊर्जा देती हैं।
आपको ऊर्जावान बनाए रखने के साथ-साथ प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने में इन चीजों के सेवन से मदद मिल सकती है।
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चाय-कॉफी से दूर होती है थकान - फोटो : Freepik.com
इन उपायों से भी शरीर को कर सकते हैं ऊर्जावान
  • होली खेलने के बाद खूब पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
  • चाय-कॉफी में कैफीन की मात्रा होती है जो शरीर को तेजी से ऊर्जा प्रदान करने के साथ थकान को मिटाने में सहायक है।
  • नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी पीने से शरीर में की इलेक्ट्रोलाइट्स कमी पूरी होती है।
  • फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन करने से शरीर को जल्दी ऊर्जा मिलती है और थकान दूर होती है।
  • प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही और केला, ड्राई फ्रूट्स खाने से इंस्टेंट एनर्जी मिलती है।
  • ग्रीन टी, अदरक-नींबू की चाय या हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को थकान दूर होती है और शरीर को आराम मिलता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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