इंपीरियल कॉलेज लंदन के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने पता लगाया कि 900 से अधिक बीमारियों में आयरन की भूमिका होती है। परिणाम में न केवल स्वाभाविक रूप से आयरन के उच्च स्तर से उच्च कोलेस्ट्रॉल का खतरा कम हुआ है बल्कि, वे वसायुक्त पदार्थों के निर्माण के साथ धमनियों के जोखिम को भी कम करते हैं। हालांकि, शोध में स्वाभाविक रूप से उच्च आयरन स्तर से जुड़े संभावित जोखिमों का भी पता चला है। इनमें धीमी गति से रक्त प्रवाह रक्त से रक्त के थक्के बनने का खतरा, स्ट्रोक और जीवाणु त्वचा संक्रमण शामिल है। इंपीरियल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोध के प्रमुख शोधकर्ता डॉ दीपेन्द्र गिल ने कहा, "आयरन शरीर का महत्वपूर्ण खनिज है और शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन बनाए रखने लिए आवश्यक है। हालांकि, शरीर में आयरन की संतुलित मात्रा होनी चाहिए क्योंकि - बहुत कम आयरन होने से एनीमिया हो सकता है, लेकिन बहुत अधिक होने से लिवर के खराब होने का कारण बन सकता है। "