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Health Tips: मीठा खाते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी? डॉक्टर ने दी सलाह

Sat, 03 Jan 2026 05:23 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Safe Ways To Eat Sweets: हमारे यहां मिठाई खुशियों का प्रतिक मानी जाती है। बहुत से लोगों को मीठा खाना बहुत पसंद होता है। इसी से संबंधित डॉक्टर पांच जरूरी सलाह दिए है, जिसे आप सभी लोगों को जानना चाहिए।
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मीठा खाने से पहले डॉक्टर की मान लें ये बातें - फोटो : Adobe stock
Healthy Alternatives To Refined Sugar: भारत में कोई भी खुशी बिना मिठाई के अधूरी मानी जाती है। त्योहार हो, शादी हो या कोई छोटी सी सफलता, मीठा हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद की यह मिठास अगर सही तरीके से शरीर में न जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है? 

अनियंत्रित तरीके से मीठा खाने से डायबिटीज, बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर, पीसीओडी और यहां तक कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि आप मीठा खाना पूरी तरह छोड़ दें, बल्कि जरूरत है इसे 'स्मार्ट तरीके' से खाने की। 

अगर हम मीठा खाते समय कुछ छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखें, तो हम अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाए बिना जीवन के मीठे पलों का आनंद ले सकते हैं। सही संतुलन और सही चुनाव ही हमें बीमारियों के जाल से बचा सकता है। इसी महत्वपूर्ण विषय स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से कुछ सलाह जारी की है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
 
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फल - फोटो : Adobe
फलों के साथ मिलाएं हेल्दी फैट्स
अक्सर लोग फल खाते समय यह सोचते हैं कि यह पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन फलों की नेचुरल शुगर, फ्रुक्टोज) भी ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है। डॉ. सोलंकी की सलाह है कि फलों को कभी अकेला न खाएं। इनके साथ हमेशा काजू, बादाम या अखरोट जैसे 'हेल्दी फैट्स' लें। यह कॉम्बिनेशन शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है और शरीर को स्थिर ऊर्जा देता है।

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चॉकलेट - फोटो : Freepik.com
डार्क चॉकलेट
किसी भी सेलिब्रेशन में साधारण मिल्क चॉकलेट, जिसमें चीनी और दूध की मात्रा अधिक होती है, के बजाय डार्क चॉकलेट को प्राथमिकता दें। डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं जो हृदय के लिए अच्छे हैं। आप खाना खाने के बाद डार्क चॉकलेट के एक या दो टुकड़े ले सकते हैं। यह आपकी मीठे की तलब को भी शांत करेगा और शरीर को नुकसान भी नहीं पहुँचाएगा।

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चिया सीड्स पुडिंग - फोटो : Adobe Stock
लो जीआई मिठाइयों का चुनाव करें
आइसक्रीम या केक जैसे 'एम्प्टी कैलोरी' वाले खाद्यों के बजाय कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, GI) वाली मिठाइयों का सेवन करें। डॉ. सोलंकी घर में बने बेसन के लड्डू, चिया पुडिंग, मखाने के लड्डू या ड्राई फ्रूट्स के लड्डू खाने का सुझाव देती हैं। ये मिठाइयां धीरे-धीरे पचती हैं और शरीर में शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ने देतीं।
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नो शुगर डाइट - फोटो : Freepik.com
रिफाइंड शुगर को कहें 'ना', प्राकृतिक चीनी को 'हां'
सफेद चीनी या रिफाइंड शुगर सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है। इसकी जगह प्राकृतिक मिठास जैसे गुड़, शहद, खजूर या मोलेसेस का प्रयोग करें। ये विकल्प न केवल मीठापन देते हैं, बल्कि इनमें आयरन और अन्य खनिज भी होते हैं। हालांकि, प्राकृतिक होने के बावजूद इनका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए ताकि वजन नियंत्रित रहे।
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तुलसी का काढ़ा - फोटो : freepik.com
कोल्ड ड्रिंक नहीं, हर्बल ड्रिंक्स अपनाएं
पार्टियों में परोसी जाने वाली कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक चाय-कॉफी शरीर में शुगर की मात्रा को अनियंत्रित कर देती हैं। इनके स्थान पर अदरक, इलायची और दालचीनी से बना काढ़ा या ताजे फलों का जूस पिएं। ये हर्बल ड्रिंक्स न केवल शरीर को डिटॉक्स करती हैं, बल्कि आपकी इम्यूनिटी को भी बढ़ाती हैं और मीठे के दुष्प्रभाव को कम करती हैं।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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