प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
* अधिक रक्तस्राव, अनियमित मासिक, पेट मे तेज दर्द, प्राइवेट पार्ट्स में खुजली, जलन या दर्द या छाले आदि जैसे लक्षणों पर तुरन्त ध्यान दें और डॉक्टर को दिखाएं।
* कहीं बाहर सफर करते समय या बाजार आदि में सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और साफ जगह को प्राथमिक दें।
* मासिक चक्र के दौरान भोजन और पानी का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें। मूँगफली, गुड़, ताजी हरी सब्जियां, दूध, दही, दालों का आदि को डाइट में शामिल करें।
हमारी जिम्मेदारी
महिलाओं में इस प्राकृतिक प्रक्रिया से सम्बंधित जानकारी का प्रसार और महिलाओं को उनकी समस्याओं के बारे में बात करने का प्रोत्साहन देने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसके लिए कोई भी व्यक्ति मदद का हाथ बढ़ा सकता है। कुछ इस तरह-
* आपके घर में मौजूद महिलाओं (माँ, पत्नी, बहन, भाभी, चाची, आदि) को इस बात के लिए प्रेरित करें कि वे अपनी स्वास्थ्यगत समस्याओं को छुपाएं नहीं, उनके बारे में बात करें ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके।