प्रतीकात्मक तस्वीर
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सबसे अधिक गौर करने वाली बात यह है कि कान में जमा मैल को निकालने की कोशिश ही गलत है। पिछले कुछ सालों से विशेषज्ञ लगातार इस बात को लेकर आगाह कर रहे हैं कि कान में जमा वैक्स (मैल) को कुरेदने या निकालने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया बिल्कुल गैरजरूरी है, जब तक कि सही में इसकी जरूरत न पड़े। बल्कि इससे उल्टा कान को गम्भीर नुकसान पहुंच सकता है। कान की अंदरूनी संरचना बहुत जटिल होती है और कानों में जमा वैक्स इस संरचना में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कान की अंदरूनी बचाव परत जैसा होता है। इससे छेड़छाड़ करना मतलब कई बार उस परत को नुकसान पहुंचाने जैसा हो सकता है। यह परत असल में बाहर से आने वाली किसी भी नुकसानदेह चीज को कान के अंदर आने से रोकती है। गलत तरीके से कान को खुजाने पर कान के अंदर चोट लगने का डर तो होता ही है, इससे इयरवैक्स की परत अंदर की तरफ धंस सकती है और कान के भीतरी हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे सुनाई देना भी कम हो सकता है। कान में लगातार होने वाली खुजली के पीछे बैक्टीरिया या वायरस की वजह से होने वाले इंफेक्शन, कानों में अंदर से रूखापन आ जाने, किसी प्रकार की फ़ूड एलर्जी, इयरवैक्स के ब्लॉकेज के कारण, हियरिंग एड की वजह से या फिर स्वीमर्स इयर यानी सामान्य भाषा मे कान में पानी चले जाने जैसी कोई वजह हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि कान में लगातार होने वाली खुजली पर ध्यान दिया जाए।