फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान: अल्जाइमर-डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का कारण बन सकती हैं ऐसी आदतें, तुरंत बना लें दूरी

Sat, 11 Dec 2021 07:27 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Pixabay
शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का बेहतर रहना आवश्यक होता है। हाल के कुछ वर्षों में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। अल्जाइमर, डिमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक है। अल्जाइमर संगठन के अनुसार, अल्जाइमर रोग, मस्तिष्क की कोशिकाओं में क्षति के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्या है। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण तमाम तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही है, जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को विशेष सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हमारी कुछ आदतें कई तरह की मानसिक समस्याओं का कारण बन सकती है। मानसिक स्वास्थ्य का असर सिर्फ मस्तिष्क तक ही सीमित नहीं है, यह संपूर्ण शरीर के कार्यप्रणाली और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं कौन सी आदतें अल्जाइमर, डिमेंशिया जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
विज्ञापन

2 of 5
तनाव की समस्या से रहें दूर - फोटो : Pixabay
तनाव और अवसाद
महामारी विज्ञान और बायोस्टैटिस्टिक्स (केवाई), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और सैन फ्रांसिस्को द्वारा किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों को अवसाद की समस्या होती है उनमें डेमेंशिया का खतरा अन्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। इसके अलावा तनाव लेने की समस्या मानसिक और शारीरिक, दोनों तरह के स्वास्थ्य के लिए गंभीर हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
शराब का सेवन है नुकसानदायक - फोटो : PTI
शराब का अधिक सेवन
अध्ययनों से पता चलता है कि शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों में डेमेंशिया का खतरा अधिक होता है। अधिक मात्रा में या लंबे समय से शराब का सेवन करने वालों में यह मस्तिष्क में परिवर्तन का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शराब से परहेज करके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी तमाम तरह के समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

4 of 5
मोटापे को दूर करने के उपाय - फोटो : iStock
मोटापा या अधिक वजन की दिक्कत
मोटापा या अधिक वजन को अक्सर हृदय रोगों से जोड़कर देखा जाता है, हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि इससे डेमेंशिया का खतरा भी बढ़ जाता है। अध्ययनों से पता चलता है अधिक बीएमआई वाले लोगों में मनोभ्रंश विकसित होने का जोखिम दो गुना अधिक होता है। बेली फैट वाले लोगों में कुछ ऐसे हार्मोन और रसायनों का उत्पादन होता है जो सूजन और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डेमेंशिया से बचने के तरीके - फोटो : istock
डेमेंशिया से बचने के तरीके
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डेमेंशिया के जोखिम से बचे रहने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना सबसे आवश्यक माना जाता है। ऐसी आदतें आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन मीट और कम वसा वाले दूध और पनीर आदि का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। 
  • यदि आपका भी वजन अधिक है तो स्वस्थ आहार लें और वजन कम करने के लिए व्यायाम करें।
  • धूम्रपान करने से बचें।
  • सिर के आघात (चोटों) और प्रदूषित वातावरण में न रहें।
  • सोने और जागने का समय निर्धारित करें। 
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम जरूर करें।


----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें