फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gandhi Jayanti 2020: शाकाहारी थे महात्मा गांधी, खानपान को लेकर किए थे कई प्रयोग, ये चीजें थीं खूब पसंद

Mon, 28 Sep 2020 05:32 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
महात्मा गांधी - फोटो : अमर उजाला
भारत की आजादी में महात्मा गांधी का योगदान अतुल्य है। गांधीजी का जन्म दो अक्तूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में पुतलीबाई और करमचंद गांधी के घर हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। पूरी दुनिया उन्हें सत्य और अहिंसा के पुजारी के रूप में जानती है। अपने सादा जीवन और उच्च विचारों के चलते उन्होंने विश्व को सत्य और अहिंसा की ताकत से परिचित कराया। महात्का गांधी के सत्याग्रह की ही बदौलत अंग्रेज भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए। बापू के खानपान की बात करें तो आप यह तो जानते ही हैं कि वे शाकाहारी थे। आपको बता दें कि अपने जीवन में एक समय में उन्होंने चाय और कॉफी तक का भी त्याग कर दिया था। खानपान को लेकर गांधीजी ने बहुत से प्रयोग किए। आइए जानते हैं कि बापू को कौन-सी चीजें खूब सबसे ज्यादा पसंद थी।
विज्ञापन

2 of 5
चुकंदर - फोटो : Pixabay
गांधीजी शुद्ध और सात्विक भोजन को ही बेहतर मानते थे। वे शाकाहारी थे और खासकर ऐसे आहार के विरोधी थे, जिसे खाने से व्यक्ति आवेशित हो जाए। गांधीजी खाने में बिना नमक और तेल की उबाली हुई सब्जियां लेते थे। उन्हें उबली मूली और चुकंदर भी पसंद था।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
महात्मा गांधी को दाल चावल खूब पसंद था। दाल में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। गांधीजी की ही तरह हर भारतीय दाल-चावल काफी पसंद करता है। रोटी भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है। गुजराती परिवार में पैदा होने वाले गांधीजी को बचपन से ही रोटी पसंद थी। इसमें कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। 

4 of 5
दही - फोटो : iStock
गांधीजी अक्सर अपने आहार में दही को शामिल किया करते थे। आप भी जानते हैं कि दही और छाछ ऐसी चीज है जो लगभग हर भारतीय को पसंद होती है और लोग इसे अपने आहार में शामिल करते हैं। दही और छाछ पाचन क्रिया के लिए बेहद लाभकारी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
लौकी - फोटो : pixabay
गांधीजी को लौकी पसंद थी। लौकी में बेहद पौष्टिक तत्व होते हैं। उन्हें बैगन और कद्दू भी पसंद था। हालांकि गांधी इन लौकी और कद्दू बिना तेल और नमक के उबाल कर ही खाते थे। ऐसा खाना हमारे पाचन तंत्र के लिए राहत देने वाला होता है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें