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निमोनिया की स्वदेशी वैक्सीन तैयार, ट्रायल में सफलता के बाद सीरम इंडिया को उत्पादन की हरी झंडी

Wed, 15 Jul 2020 04:55 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Pneumonia Vaccine - फोटो : PTI
भारत में पूर्ण रूप से तैयार निमोनिया की वैक्सीन को उत्पादन की अनुमति मिल गई है। सभी चरणों के ट्रायल में सफल होने के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इस वैक्सीन को मार्केटिंग अप्रूवल यानी बाजार में उतारने की इजाजत दे दी। पूर्ण रूप से विकसित न्यूमोकोकल पॉलीसैकराइड कंजुगेट वैक्सीन को पुणे की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है, जो विश्वभर में वैक्सीन उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • सीरम इंस्टीट्यूट ने इस न्यूमोकॉकल पॉलीसैकराइड कंजुगेट वैक्सीन का पहले, दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल यानी सारे नैदानिक परीक्षण भारत में ही किए हैं। दावा है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब देश के अंदर ही सारे ट्रायल संपन्न हुए हैं। हालांकि गांबिया और अन्य देशों में भी कंपनी इस वैक्सीन का ट्रायल कर चुकी है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
  • सभी चरणों के क्लिनिकल परीक्षण करने के बाद कंपनी ने इस वैक्सीन के निर्माण और व्यापार की अनुमति के लिए आवेदन किया था। इस वैक्सीन के लिए गठित एक स्पेशल एक्सपर्ट्स कमिटी(SEC) की मदद से डीजीसीआई ने सभी चरणों के ट्रायल के परिणामों और डाटा की समीक्षा की और उत्पादन व मार्केटिंग अप्रूवल की अनुमति दिए जाने की सिफारिश की थी। 

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Vaccine - फोटो : Social Media
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की विज्ञप्ति के मुताबिक, निमोनिया के क्षेत्र में यह पहला स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन है। इससे पहले इस तरह के टीके की मांग काफी हद तक पूरी हुई थी, लेकिन विदेशी कंपनियों ने ही वैक्सीन बनाई थी। देश में लाइसेंस प्राप्त कंपनी द्वारा ऐसा पहली बार हुआ है। 
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Vaccine - फोटो : Social Media
  • इस वैक्सीन का उपयोग बच्चों में 'स्ट्रैपटोकोकस निमोनिया' के कारण होने वाले आक्रामक रोग निमोनिया के खिलाफ सक्रिय टीकाकरण के लिए किया जाता है। मालूम हो कि निमोनिया विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे बैक्टीरियल निमोनिया, वायरल निमोनिया, फंगल निमोनिया आदि। स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया सबसे आम जीवाणु है जो फेफड़ों की सूजन का कारण बनता है।
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