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HIV Infection: यहां छह महीने में रिपोर्ट किए 550 से ज्यादा एचआईवी के केस, भारत से भी परेशान करने वाले आंकड़े

Sun, 18 Aug 2024 12:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एचआईवी संक्रमण के मामले - फोटो : istock
ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) का संक्रमण एड्स रोग का कारण बनता है। चिकित्सा में आधुनिकता के चलते अब ये बीमारी लाइलाज तो नहीं रही है फिर भी वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में बनी हुई है। कई देशों में एचआईवी संक्रमण के मामले विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता बढ़ा रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिजी में पिछले कुछ ही महीनों में बड़ी संख्या में लोगों को एचआईवी का शिकार पाया गया है।  

फिजी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी करते हुए बताया कि इस साल के पहले छह महीनों में देश में एचआईवी के 552 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा 13 संक्रमितों की मौत भी हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक छह महीनों में रिपोर्ट किए गए नए मामले, पिछले वर्ष 2023 में दर्ज कुल केस से 33% अधिक हैं। 73 प्रतिशत संक्रमितों की उम्र 39 वर्ष से कम है। इसके अलावा नौ प्रतिशत केस 15 से 19 वर्ष की आयु वालों में हैं।
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एचआईवी संक्रमण - फोटो : Freepik.com
त्रिपुरा में सामने आए थे 800 से अधिक केस

इसी साल जुलाई में भारत में भी एचआईवी संक्रमण ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी थी। त्रिपुरा के स्कूल में बड़ी संख्या में छात्र संक्रमित पाए गए थे। जुलाई के शुरुआती हफ्तों में त्रिपुरा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (टीएसएसीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में एचआईवी से 47 छात्रों की मौत हो गई है और 828 छात्र एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। कई छात्र देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए त्रिपुरा से बाहर भी चले गए हैं।

त्रिपुरा एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने 220 स्कूलों, 24 कॉलेजों और कुछ विश्वविद्यालयों के छात्रों की पहचान की है जो इंजेक्शन के जरिए नशीली दवाओं का सेवन करते हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए इसे प्रमुख कारण माना जा रहा था।
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एचआईवी संक्रमण - फोटो : Freepik.com
कैसे फैलता है ये संक्रमण?'

एचआईवी संक्रमण कई कारणों से हो सकता है इसमें असुरक्षित यौन संबंध, दूषित सुई या सिरिंज के इस्तेमाल या संक्रमित व्यक्ति के खून के माध्यम से एक से दूसरे को संक्रमण होना शामिल है। एचआईवी के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो जाती है जिससे अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। कुछ महीनों या वर्षों तक बने रहने वाले एचआईवी संक्रमण के कारण एड्स रोग हो सकता है।
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एचआईवी से बचाव जरूरी - फोटो : freepik.com
बचाव के उपाय जरूरी

एचआईवी/एड्स का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, लेकिन कुछ दवाइयों से संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। एचआईवी के लिए एंटीवायरल उपचारों ने दुनिया भर में एड्स से होने वाली मौतों को कम किया है। कुछ प्रभावी दवाओं पर अब भी ट्रायल चल रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को संक्रमण के जोखिमों को लेकर अलर्ट रहने और बचाव को लेकर लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता है। संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है कि आप सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, सुनिश्चित करें कि इंजेक्शन के लिए हर बार साफ और नई सिरिंज का इस्तेमाल करें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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