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बड़ी कामयाबी: अब खून की जांच से भी पता चल जाएगा आपको कोरोना है या नहीं, संक्रमण की गंभीरता का भी लग सकेगा अंदाजा

Mon, 31 Jan 2022 06:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खून की जांच से कोरोना का चलेगा पता (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
पिछले दो साल से अधिक समय से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना का संक्रमण जारी है। कोरोनाके नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण भारत संक्रमण की तीसरी लहर झेल रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना का यह वैरिएंट अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक है। कई रिपोर्ट्स में ओमिक्रॉन के कारण होने वाले संक्रमण के लक्षणों को तो हल्के-मध्यम स्तर का बताया जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे को भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण भी लोगों की जान जाने के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आपमें कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत इसकी जांच करा कर इलाज प्राप्त करें। पहली, दूसरी और अब तीसरी लहर ने एक बात पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है, संक्रमण का जल्दी पता चल जाने से उपचार में आसानी होती है। 

कोरोना संक्रमण के मामलों का जल्दी पता लगाने के लिए अमेरिका स्थित जॉर्ज वाशिंगटन (जीडब्ल्यू) विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण खोज की है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा परीक्षण किट तैयार किया है जिसकी मदद से संक्रमण की उपस्थिति और गंभीरता का भी आसानी से पता लगाया जा सकता है। आइए इस बारे में जानते हैं। 
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कोविड-19 टेस्ट का नया तरीका - फोटो : Pixabay
ब्लड टेस्ट से चल जाएगा कोरोना का पता

'पीएलओएस वन' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक शोधकर्ताओं ने एक खास तरह के रक्त के परीक्षण को विकसित किया है जिससे इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है कि क्या किसी को कोविड-19 है या नहीं? खास बात यह है कि इस टेस्ट के माध्यम से इस बात का भी पता लगाया जा सकता है कि संक्रमण के प्रति हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कितनी गंभीर प्रतिक्रिया करेगी? वैज्ञानिकों के मुताबिक परीक्षण की यह तकनीक कोरोना संक्रमण का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 
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नए टेस्ट को लेकर जांच (सांकेतिक) - फोटो : Pixabay
अध्ययन में क्या पता चला?
इस परीक्षण के लिए शोधकर्ताओं ने एसिम्टोमैटिक से लेकर गंभीर लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों के ब्लड आरएनए की जांच की। अध्ययन के दौरान संक्रमितों की कोशिकाओं में कुछ परिवर्तन देखे गए। विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 की गंभीरता न्यूट्रोफिल गतिविधि में वृद्धि और टी-सेल गतिविधि में कमी का कारण बन सकती है। न्यूट्रोफिल और टी-कोशिकाएं, दोनों ही श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। इस परीक्षण से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। 

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कोरोना की जांच होगी आसान - फोटो : Pixabay
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जीडब्ल्यू में मेडिसिन के प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता टिमोथी मैककैफ्रे कहते हैं, यह परीक्षण महामारी के दौरान बहुत मूल्यवान साबित हो सकता है। विशेष रूप से जिस तरह के कोरोना के नए वैरिएंट का प्रसार जारी है, ऐसे में यह डॉक्टरों को समस्या की पहचान करने और प्रभावी उपचार प्रदान करने  में खासा मदद कर सकता है। जब हम पूरे ब्लड आरएनए को अनुक्रमित करते हैं, तो हमें शरीर के अंदर क्या हो रहा है, इसकी वास्तविक जानकारी मिल जाती है। यह परीक्षण उन लोगों की पहचान करने में भी मदद करता है जिन्हें संक्रमण के दौरान विशेष उपचार की आवश्यकता होती है। 
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कोवि़ड की गंभीरता का चल सकेगा पता - फोटो : Pixabay
टेस्ट की खास बात
ध्यान देने वाली बात यह है कि वर्तमान में ऐसा कोई अच्छा तरीका उपलब्ध नहीं है जिससे यह जाना जा सके कि प्रतिरक्षा प्रणाली किसी वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करेगी? इस परीक्षण से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल इस टेस्ट को लेकर अभी भी अध्ययन जारी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यापक स्तर पर परीक्षण की प्रभाविकता साबित होते ही है, यू.एस. खाद्य एवं औषधि प्रशासन से आपातकालीन उपयोग के मंजूरी लेने का योजना है।

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स्रोत और संदर्भ
Fast, cheap test can detect COVID-19 virus’ genome without need for PCR

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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