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World Alzheimer's Day 2023: 60 साल की उम्र में भी दिमाग रहेगा स्वस्थ, अल्जाइमर रोग का भी कम होगा खतरा

Thu, 21 Sep 2023 10:59 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : istock
उम्र बढ़ने के साथ कई प्रकार की शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है। यही कारण कि इस उम्र के बाद अधिकतर लोगों को याददाश्त की कमी और निर्णय लेने की क्षमता में परेशानी होने लगती है। अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे रोगों का खतरा भी 60 की उम्र के बाद काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस तरह के जोखिमों से बचाव के लिए जरूरी है कि आप कम उम्र से ही इसके लिए प्रयास करते रहें। आहार और दिनचर्या को ठीक रखकर आप मस्तिष्क से संबंधित इन समस्याओं के खतरे को कम कर सकते हैं।

इसी से संबंधित एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने बताया कि युवावस्था से ही अगर दिनचर्या को ठीक रख लिया जाए तो यह भविष्य में अल्जाइमर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को कम करने वाली हो सकती है। इस अध्ययन में नियमित व्यायाम की आदत बनाने पर जोर दिया गया है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर आप रोजाना 20-30 मिनट के व्यायाम की आदत बना लेते हैं तो यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। 
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व्यायाम से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
व्यायाम से अल्जाइमर रोग में मिलता है लाभ

पीर रिव्यूड साइंटफिक जर्नल सेल में हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में  वैज्ञानिकों ने बताया कि जब हम व्यायाम करते हैं तो इससे आइरिसिन नामक हार्मोन का उत्पादन होता है जिसे अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने वाला पाया गया है।

आइरिसिन हार्मोन, नेप्रिल्सिन को बढ़ाता है जो मस्तिष्क को क्षति पहुंचाने वाले असामान्य प्रोटीन अमाइलॉइड बीटा से मुकाबला करता है। कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि इस प्रोटीन की अधिकता अल्जाइमर के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। मसलन अगर आप व्यायाम की आदत बनाते हैं तो यह इस प्रकार के जोखिमों को कम करने में आपके लिए सहायक है।
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मस्तिष्क पर असर - फोटो : Pearvideo.com
आइरिसिन हार्मोन का मस्तिष्क पर असर

अध्ययनकर्ता कहते हैं, इस शोध की रिपोर्ट से ये तो साबित नहीं होता है कि व्यायाम करने से अल्जाइमर के रोगियों की स्थिति में सुधार होता है। हालांकि यह एक तरीका जरूर है जिससे कि आप अपने जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि व्यायाम करने से मेटाबॉलिज्म मार्करों में सुधार होता है।

यह अध्ययन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पता चलता है कि आईरिसिन, किस प्रकार से इंफ्लामेशन को कम करने में मददगार हो सकता है और अमाइलॉइड बीटा को ठीक करने में मदद करता है। वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती इस रोग की स्थिति से बचाव में इन तथ्यों को समझने से मदद मिल सकती है। 

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मस्तिष्क को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : istock
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
 
शोधकर्ताओं ने बताया आइरिसिन हार्मोन, वास्तव में अमाइलॉइड बीटा प्लाक को साफ करने में मदद करता है, जिससे ब्रेन के डिजनरेशन को कम किया जा सकता है। दिनचर्या को योग के सामान्य अभ्यास को शामिल करके भी इस लाभ को प्राप्त किया जा सकता है। आइरिसिन हार्मोन, शरीर के लिए और भी कई प्रकार से महत्वपूर्ण है, जो  ग्लूकोज और लिपिड को भी नियंत्रित करता है। 
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व्यायाम से शारीरिक स्वास्थ्य लाभ - फोटो : social media
व्यायाम को जरूर बनाएं दिनचर्या का हिस्सा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिन में लगभग 30 मिनट का व्यायाम भी उपयोगी होता है। एरोबिक व्यायाम जैसे सामान्य रूप से वॉकिंग आदि से भी आप स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म और रक्त प्रवाह में भी सुधार करने में लाभ मिल सकता है। अध्ययन में इस बात का जिक्र नहीं है कि किस प्रकार के व्यायाम से आपको लाभ मिला है, आप सामान्य अभ्यास की मदद से भी इसके लाभ मिल सकता है। 



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स्रोत और संदर्भ
Nighttime ambient temperature and sleep in community-dwelling older adults

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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