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चिंताजनक: शराब-सिगरेट के बाद इस वजह से हो रही हैं सबसे ज्यादा मौतें, 2019 में 19 लाख लोगों की गई जान

Mon, 15 Apr 2024 01:55 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अस्पतालों में भर्ती गंभीर रोगी - फोटो : istock
दुनियाभर में बढ़ती कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के लिए लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। समय के साथ लोगों में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और आहार में प्रोसेस्ड-जंक फूड्स के सेवन के कारण कई प्रकार की बीमारियों का खतरा रहता है। अध्ययनों में शराब-सिगरेट जैसी गड़बड़ आदतों को कैंसर, हार्ट की समस्या और गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है।

इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने आहार की गड़बड़ी से संबंधित एक और गंभीर जोखिम कारक को लेकर सभी लोगों को सावधान किया है। अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मैट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन की रिपोर्ट के अनुसार लाइफस्टाइल की जिन समस्याओं के कारण सबसे ज्यादा मौतें रिपोर्ट की जाती रही हैं उनमें सिगरेट पीने के कारण होने वाली बीमारियां प्रमुख हैं, शराब को मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण पाया गया है। हालांकि सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि शराब-सिगरेट के होने वाली सबसे ज्यादा मौतों के लिए नमक के अधिक सेवन को कारण पाया गया है।

नमक के अधिक सेवन से हार्ट और शरीर में इंफ्लामेशन से संबंधित कई प्रकार की गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा हो सकता है।
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नमक के अधिक सेवन के नुकसान - फोटो : istock
नमक के अधिक सेवन के कारण बढ़ती बीमारियां

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञों ने कहा, हमें रोजाना दो ग्राम से अधिक मात्रा में नमक नहीं खाना चाहिए। जिन लोगों को पहले से हार्ट या ब्लड प्रेशर की समस्या रही है उन्हें इसकी मात्रा 1500 मिलीग्राम से भी कम रखना चाहिए। यानि एक दिन में एक से डेढ़ चम्मच नमक के बराबर है।

आप जितना ज्यादा नमक खाते हैं, ब्लड प्रेशर और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा उतना अधिक हो जाता है। ये हृदय रोगों का भी प्रमुख कारण है जिसके मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा - फोटो : istock
नमक की अधिकता बढ़ा रही है हार्ट की समस्याएं

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ आमिर सिद्दिकी कहते हैं, नमक के अधिक सेवन का स्वास्थ्य समस्याओं पर सीधा असर पड़ता है। ये उच्च रक्तचाप का सबसे बड़ा कारक है जिससे धमनियों की दीवारों पर अतिरिक्त दवाब बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ रहा है।
गड़बड़ लाइफस्टाइल के कारण हार्ट की दिक्कतें पहले से बढ़ी हुई देखी जा रही हैं, नमक का सेवन इस खतरे को और भी बढ़ा देता है। हर उम्र के व्यक्तियों में नमक के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव देखे जाते रहे हैं। इसके जोखिम सिर्फ हृदय रोगों तक भी सीमित नहीं हैं।
 

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किडनी की बीमारियों का खतरा - फोटो : istock
नमक से होने और समस्याएं

डॉक्टर ने कहा कि अधिक नमक के सेवन से किडनी की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। हमारी किडनी शरीर के सोडियम संतुलन को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है। जो लोग अधिक नमक खाते हैं उनकी किडनी इसे ठीक तरीके से बाहर नहीं कर पाती है जिससे किडनी से संबंधित बीमारियों का भी खतरा रहता है। इतना ही नहीं अधिक नमक के सेवन से कैल्शियम की हानि भी हो सकती है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है।
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कम कर दें नमक का सेवन - फोटो : istock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम सभी को लगता है कि भोजन में जो नमक मिलाया जा रहा है सिर्फ वही खतरनाक है, पर ध्यान देने वाली बात ये भी है कि हम अप्रत्यक्ष रूप से जैसे चिप्स, पैक्ड चीजों, नमकीन से भी अधिक मात्रा में सोडियम ले रहे होते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार में नमक और चीनी दोनों की मात्रा संयमित रखें। अगर हम सभी आहार को ठीक रख लेते हैं तो इससे कई प्रकार की गंभीर और क्रोनिक बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
A Meta-Analysis of Effect of Dietary Salt Restriction on Blood Pressure in Chinese Adults


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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