फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Diabetes Association: मधुमेह रोगियों में तेजी से बढ़ती यह बीमारी हो सकती है गंभीर, सभी लोग जरूर कराएं जांच

Sat, 01 Jul 2023 02:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
डायबिटीज की समस्या और उपचार - फोटो : istock
डायबिटीज रोग का बढ़ता वैश्विक जोखिम, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए बड़ी चिंता का कारण बना हुआ है। हर साल बड़ी संख्या में वैश्विक स्तर पर मधुमेह के रोगी बढ़ते जा रहे हैं। लैंसेट ने एक अध्ययन में चिंता जताते हुए कहा है कि जिस गति से डायबिटीज के रोगी बढ़ रहे हैं ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक दुनियाभर में डायबिटीज रोगियों की संख्या बढ़कर 130 करोड़ से ऊपर जा सकती है। यह निश्चित ही स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ा बोझ होगा साथ ही डायबिटीज से संबंधित रोगों के कारण समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं।

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) ने आगाह किया है कि डायबिटीज रोगियों को मधुमेह के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी लगातार सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। टाइप-2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज वाले वयस्कों में नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर रोग (एनएएफएलडी) के मामले काफी बढ़ रहे हैं, इसलिए सभी लोगों को लिवर की जांच भी जरूर कराते रहना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
फैटी लिवर का बढ़ रहा है खतरा - फोटो : iStock
डायबिटीज रोगियों में लिवर की समस्या

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन ने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि टाइप-2 डायबिटीज वाले लगभग 70% लोगों को लिवर की बीमारी है, जिसमें एनएएफएलडी सबसे आम है। यह सिरोसिस और लिवर कैंसर का कारण भी बन सकती है। कुछ रोगियों में इसके कारण हृदय रोग और मृत्यु के बढ़ते जोखिमों को भी देखा गया है।

एनएएफएलडी वैसे भी गंभीर समस्या है, वहीं यदि यह डायबिटीज के साथ होती है तो इसकी गंभीरता और भी बढ़ सकती है, इसलिए सभी रोगियों में इसकी जांच जरूर की जानी चाहिए। इसको लेकर एडीए ने नई गाडइलाइंस भी जारी की है।
विज्ञापन

3 of 5
लिवर की कराएं जांच - फोटो : iStock
एनएएफएलडी या लिवर की जांच जरूरी

एडीए के मुख्य वैज्ञानिक और चिकित्सा अधिकारी रॉबर्ट गैबे कहते हैं, लिवर की बीमारी तेजी से मधुमेह रोगियों में बढ़ रही है। शोध बताते हैं कि डायबिटीज की जटिलताओं को हृदय रोगों और तंत्रिकाओं-आंखों की समस्याओं तक ही सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए, इसके और भी कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

डायबिटीज चूंकि मूल रूप से अग्नाश्य और लिवर से संबंधित समस्या है, ऐसे में एनएएफएलडी या लिवर के किसी भी रोग को अनदेखा करना मधुमेह वाले रोगियों के लिए जोखिमों को बढ़ाने वाला हो सकता है।

4 of 5
लिवर को स्वस्थ रखने वाले उपाय करें - फोटो : iStock
लाइफस्टाइल को रखें ठीक

डायबिटीज रोगियों के लिए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, एडीए ने कहा कि जो वयस्क टाइप-2 डायबिटीज या प्रीडायबिटीज के शिकार हैं उनमें नियमित जांच की रूटीन में लिवर की जांच को भी शामिल किया जाना चाहिए। डायबिटीज के साथ मोटापे की समस्या के कारण नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर रोग का जोखिम और भी अधिक हो सकता है।

एनएएफएलडी, लिवर में फैट बढ़ने की समस्या है, इस स्थिति में, भले ही आप बहुत कम या बिल्कुल भी शराब न पीते हों, आपके लिवर में वसा जमा हो जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कंट्रोल करें वजन - फोटो : iStock
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

डायबिटीज एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज रोगियों को इस तरह के जोखिमों से बचाव के लिए वजन को कंट्रोल में रखना सबसे आवश्यक है। स्वस्थ आहार का पालन, जीवनशैली में बदलाव, वजन कम करना और व्यायाम की आदत बनाना न सिर्फ आपके शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में सहायक हो सकता है साथ ही डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं से बचाने में भी मददगार है। 

एनएएफएलडी पर अगर ध्यान दिया जाए तो इसके कारण लिवर सिरोसिस हो सकता है जिसके गंभीर दुष्प्रभावो का खतरा रहता है। 




----------------
स्रोत और संदर्भ
American Diabetes Association Releases a Guideline Update in NAFLD (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease) and Diabetes

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें