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बड़ा फैसला: मानसिक विकारों के इलाज में साइकेडेलिक्स को मंजूरी देने वाला पहला देश बना ऑस्ट्रेलिया, विवाद जारी

Sat, 01 Jul 2023 11:33 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसिक स्वास्थ्य के इलाज के लिए ऑस्ट्रेलिया में साइकेडेलिक्स के उपयोग को मंजूरी (सांकेतिक) - फोटो : istock
मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए साइकेडेलिक्स दवाओं के उपयोग को लेकर लंबे समय से चर्चा जारी है। इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया पहला ऐसा देश बना है जिसने कुछ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए साइकेडेलिक्स के उपयोग को मंजूरी दे दी है। आज यानी एक जुलाई से यहां के डॉक्टर डिप्रेशन और पोस्ट ट्रॉमा स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) जैसे विकारों के इलाज के लिए साइकेडेलिक्स लेने की सलाह दे सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के ड्रग नियामक थेराप्यूटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन (टीजीए) ने लगभग तीन साल के विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के साथ परामर्श के बाद इस कदम को मंजूरी दी है।

साइकेडेलिक्स एक प्रकार की दवाएं हैं, जो मानसिक धारणाओं, विचार प्रक्रिया और ऊर्जा स्तर में बदलाव लाने के लिए चर्चा में रही हैं। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में दो प्रकार की दवाओं- मिथाइल एनेडिओक्सी मेथमफेटामाइन (एमडीएमए) जिसे आमतौर पर एक्स्टसी के रूप में जाना जाता है और मैजिक मशरूम (साइलोसाइबिन) का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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साइकेडेलिक्स दवाओं के बारे में जानिए - फोटो : istock
क्या है एमडीएमए और साइलोसाइबिन?

ऑस्ट्रेलियाई दवा नियामक ने एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रभावी इलाज के रूप में इससे विशेष लाभ मिल सकता है।

एमडीएमए एक सिंथेटिक दवा है जिसे मोली या एक्स्टसी भी कहा जाता है। वहीं मैजिक मशरूम में साइलोसाइबिन की उपस्थिति के कारण इसे मानसिक विकारों के इलाज लिए लाभकारी माना जाता रहा है। विज्ञप्ति के अनुसार  साइलोसाइबिन और एमडीएमए अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं, क्लिनिकल रिसर्च में भी इसके बेहतर परिणाम देखे गए हैं।
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मानसिक विकारों का हो सकेगा इलाज - फोटो : Pixabay
पर्याप्त शोध न होने को लेकर उठे सवाल

इस निर्णय के समर्थकों का मानना है कि इन दवाओं के उपयोग से मानसिक विकारों, शराब की लत और ओसीडी-डिप्रेशन जैसी बीमारियों के इलाज में विशेष लाभ मिल सकेगी। हालांकि आलोचकों को चिंता है कि अवसाद और पीटीएसडी के इलाज में ये दवाएं कितनी प्रभावी हैं, इसके लिए पर्याप्त शोध नहीं हैं।

मेलबर्न के स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के मनोचिकित्सक सुसान रोसेल ने नेचर को बताया, "यह हर किसी के लिए नहीं है। हमें यह पता लगाने की जरूरत है कि इसकी जरूरत किन लोगों को हो सकती हैं, क्योंकि साइकेडेलिक्स को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है, इसलिए इसपर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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दवाओं का मस्तिष्क पर असर - फोटो : Pixabay
कैसे काम करती हैं साइकेडेलिक्स?

शोधकर्ताओं ने बताया कि क्लासिक साइकेडेलिक्स मुख्य रूप से सेरोटोनिन 2ए रिसेप्टर से जुड़कर काम करती है। सेरोटोनिन 2ए उन 15 विशेष रिसेप्टर अणुओं में से एक है जिसका उपयोग सेरोटोनिन प्रणाली मस्तिष्क गतिविधि को समन्वयित करने के लिए करती है। साइकेडेलिक दवाओं में कई सिंथेटिक, प्राकृतिक और अर्ध-सिंथेटिक यौगिक शामिल होते हैं। ये दवाएं मस्तिष्क की असामान्य गतिविधियों में सुधार करते हुए रसायनिक संतुलन को व्यवस्थित करने में कारगर हो सकती हैं।

हालांकि इसकी प्रमाणिकता के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।
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साइकेडेलिक्स पर अब भी जारी है शोध - फोटो : istock
एफडीए ने अभी भी नहीं दी है इसे मंजूरी

गौरतलब है कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने किसी भी मानसिक स्वास्थ्य विकारों के इलाज के लिए औपचारिक रूप से इन दवाओं के उपयोग को अब भी मान्यता नहीं दी है।  यह कितनी प्रभावी हो सकती हैं, इसको समझने के लिए अब भी शोध जारी हैं।

न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी और सिडनी में ब्लैक डॉग इंस्टीट्यूट में मनोचिकित्सा के प्रोफेसर, डॉ. कोलीन लू कहते हैं, इसकी प्रभाविकता के मिले-जुले साक्ष्य हैं, हम इसके परिणाम पर गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं।



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स्रोत और संदर्भ
Change to classification of psilocybin and MDMA to enable prescribing by authorised psychiatrists

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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