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सेहत की बात: प्लांट बेस्ड डाइट के हैं अनगिनत फायदे, हार्ट से लेकर मोटापे तक की दिक्कतें हो सकती हैं कम

Sun, 25 Feb 2024 05:52 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्लांट बेस्ड डाइट प्लान - फोटो : istock
स्वस्थ और पौष्टिक आहार को सेहत के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप जिस प्रकार की चीजों का सेवन करते हैं, शरीर पर उसका सीधा असर होता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों को ठीक रखने के लिए आहार को ठीक रखना जरूरी माना जाता है। अध्ययनकर्ता बताते हैं, इसमें प्लांट बेस्ड डाइट का सेवन करना आपके लिए विशेष लाभकारी होता है। ये आपको क्रोनिक बीमारियों से बचाने में भी लाभप्रद है।

प्लांट बेस्ड डाइट यानी पौधे पर आधारित खाने के पैटर्न आपके लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं। फल और सब्जियों के अलावा, सूखे मेवे, कुछ प्रकार के सीड्स, पौधों से प्राप्त तेल, साबुत अनाज का सेवन करना शरीर के लिए आवश्यक विटामिन्स और पोषक तत्वों की पूर्ति में सहायक है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आप शाकाहारी हैं और कभी भी मांस या डेयरी वाली चीजें नहीं खा सकते हैं।

इस प्रकार के डाइट प्लान में आहार में आनुपातिक रूप से पौधों से प्राप्त चीजों को अधिक रखा जाता है।
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पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थ - फोटो : istock
प्लांट बेस्ड डाइट से प्राप्त हो सकते हैं जरूरी तत्व

प्लांट बेस्ड डाइट से आप बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिज प्राप्त कर सकते हैं। इसमें फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स की भी अधिकता होती है, जिसकी आपके शरीर को नियमित रूप से जरूरत होती है। खाने की प्लेट में आधी से अधिक सब्जियों-फलों को शामिल करने से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। सुनिश्चित करें कि आपके प्लेट में कई रंग वाली सब्जियां और फल हों। इनके नियमित सेवन से आप गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकते हैं।
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रक्तचाप कम कैसे रखें - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर की दिक्कत रहती है कंट्रोल

उच्च रक्तचाप को हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारक माना जाता है। शोधकर्ता बताते हैं, आहार में प्लांट बेस्ड डाइट को शामिल करके इन सभी समस्याओं से बचाव करने में मदद मिल सकती है। 39 अध्ययनों के डेटा विश्लेषण से पता चलता है कि जो लोग प्लांट बेस्ड डाइट का अधिक सेवन करते थे उनके रक्तचाप का स्तर अन्य डाइट प्लान वालों की तुलना में काफी नियंत्रित था।

एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि शाकाहारियों में मांसाहारियों की तुलना में उच्च रक्तचाप विकसित होने का जोखिम 34 प्रतिशत कम था।

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डायबिटीज को कंट्रोल रखने के तरीके - फोटो : istock
डायबिटीज की समस्या से मिलती है राहत

यह सर्वविदित है कि आहार और टाइप-2 डायबिटीज के बीच गहरा संबंध होता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए सभी लोगों को स्वस्थ और पौष्टिक चीजों को आहार का हिस्सा बनाने से लाभ मिल सकता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि प्लांट बेस्ड आहार का सेवन करने से न सिर्फ टाइप-2 डायबिटीज से बचाव कर सकते हैं साथ ही डायबिटीज के कारण होने वाली अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों से भी बचाव किया जा सकता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पौधे पर आधारित डाइट का सेवन मधुमेह के प्रबंधन में काफी लाभकारी है।
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वजन को कैसे कंट्रोल रखें - फोटो : iStock
इससे वजन भी रहता है कंट्रोल

वजन बढ़ना-मोटापा, मौजूदा समय की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती दिक्कतों में से एक है, जो कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाने वाली मानी जाती है। अध्ययन बताते हैं, पौधे पर आधारित आहार के सेवन से मोटापे का खतरा कम हो जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया प्लांट बेस्ड डाइट का सेवन करने से बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को ठीक रखा जा सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपका बीएमआई कंट्रोल रहता है तो आपमें हार्ट और डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Plant-based diet and why should you try it?


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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