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विशेषज्ञों ने बताया: घर पर 6 मिनट के इस टेस्ट से जान सकते हैं कोरोना का फेफड़ों पर असर हुआ है या नहीं?

Sun, 02 May 2021 07:00 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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इस टेस्ट से जानें कोरोना फेफड़ों को तो प्रभावित नहीं कर रहा - फोटो : iStock
डॉ प्रियरंजन
इंटेसिव केयर कंसलटेंट, उजाला सिग्नस


कोरोना वायरस का संक्रमण देशभर में पैर फैला चुका है। लगातार बढ़ते जा रहे मामलों के चलते देश में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा पूरी तरह से हिल चुका है। कहीं लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं तो कहीं ऑक्सीजन की भारी कमी देखने को मिल रही है। इस बदहाली में मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई स्थानों पर संक्रमण की पुष्टि के लिए कोरोना की जांच भी नहीं हो पा रही है। इन्हीं अव्यवस्थाओं को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को उनके स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए '6 मिनट का वॉक टेस्ट' करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस उपाय से आप अपने स्वास्थ्य और शरीर में ऑक्सीजन की स्थिति के बारे में आसानी से जान सकेंगे।
आइए जानते हैं क्या है यह 6 मिनट के जांच की प्रक्रिया?
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ऑक्सीजन सेचुरेशन की करते रहें जांच - फोटो : Pixabay
अमर उजाला से बात करते हुए उजाला सिग्नस के इंटेसिव केयर कंसलटेंट डॉ प्रियरंजन कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में लोगों को सांस की ज्यादा दिक्कत देखने को मिल रही है। जांच के अभाव में कई लोगों में संक्रमण का काफी समय तक पता नहीं चल पाता है और अचानक उन्हें दिक्कतें महसूस होनी शुरू हो जाती हैं। ऐसे लोगों को घर पर ही ऑक्सीमीटर का उपयोग करते हुए शरीर में ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच करते रहना चाहिए।
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6 मिनट के वॉक टेस्ट से जानें सेहत का हाल - फोटो : istock
क्या है यह 6 मिनट की टेस्ट?
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को कोरोना के लक्षण महसूस हो रहे हैं वह प्रारंभिक तौर पर घर पर ही अपने स्वास्थ्य की जांच कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ऑक्सीमीटर से  सेचुरेशन देख लें और फिर 6 मिनट के बिना रुके सामान्य गति से वॉक कीजिए। छह मिनट के बाद अगर ऑक्सीजन का स्तर 3 से 4 डिजिट के नीचे चला जाता है तो उस व्यक्ति को सावधान हो जाने की जरूरत है। 
 

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ऑक्सीमीटर की रीडिंग से पता चलता है सेहत का हाल - फोटो : Social media
उदाहरण के लिए पहली जांच में ऑक्सीमीटर की रीडिंग 95 आती है। 6 मिनट तक वॉक करने के बाद जांच में अगर यह घटकर 92 या उससे कम हो जाती है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। यह फेफड़ों की समस्या और शरीर में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकती है। ऐसे लोगों को तुरंत कोविड टेस्ट कराकर उचित उपचार की शुरुआत कर देनी चाहिए। 
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अस्थमा रोगी न करें यह उपाय - फोटो : pixabay
किन्हें नहीं करना चाहिए यह परीक्षण?
डॉक्टरों के मुताबिक जो लोग अस्थमा से पीड़ित हैं उन्हें यह परीक्षण नहीं करना चाहिए। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग छह के बजाय तीन मिनट वॉक करके इस परीक्षण को कर सकते हैं। इस टेस्ट के माध्यम से ऑक्सीजन की कमी का पता लगाने और सही समय पर रोगी को अस्पतालों में भर्ती करने में मदद मिल सकती है। 
 
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घर पर ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए उल्टा लेटें - फोटो : Pixabay
ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के उपाय  
डॉ. प्रियरंजन बताते हैं कि यदि किसी रोगी को फेफड़ों में दिक्कत आ रही हो और उसे त्वरित रूप से ऑक्सीजन न मिल पाए तो घर पर ही कुछ उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है। ऐसे रोगियों को कम से कम 1-2 घंटे पेट के बल लटने को कहें। ऐसा करने से फेफड़ों को आराम मिलता है और ऑक्सीजन के स्तर में सुधार होता है। 

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नोट: यह लेख उजाला सिग्नस के इंटेसिव केयर कंसलटेंट डॉ प्रियरंजन से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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